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22 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : शारीरिक फिटनेस केवल यह नहीं बताती कि आप कितनी तेजी से चल सकते हैं या कितनी देर तक व्यायाम कर सकते हैं, बल्कि यह भविष्य में गंभीर बीमारियों और मृत्यु के जोखिम से भी जुड़ी हो सकती है। चिकित्सा शोध में पाया गया है कि कार्डियोरेस्पिरेटरी फिटनेस—यानी दिल और फेफड़ों की शरीर को ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता—समग्र स्वास्थ्य और लंबे समय तक जीवित रहने की संभावना का एक महत्वपूर्ण संकेतक है।

फिटनेस का आकलन करने के लिए डॉक्टर व्यायाम के दौरान शरीर की प्रतिक्रिया, चलने की क्षमता और ऑक्सीजन उपयोग जैसे मानकों का इस्तेमाल करते हैं। कुछ सरल परीक्षण शुरुआती संकेत दे सकते हैं, लेकिन कोई भी अकेला घरेलू टेस्ट यह निश्चित रूप से नहीं बता सकता कि किसी व्यक्ति की मृत्यु कब होगी या उसका व्यक्तिगत जोखिम कितना है।

फर्श पर बैठने और उठने वाला टेस्ट कैसे करें?

जिस सरल परीक्षण पर शोध हुआ है, उसे सिटिंग-राइजिंग टेस्ट (SRT) कहा जाता है। इसमें व्यक्ति को फर्श पर बैठने और फिर खड़े होने के लिए कहा जाता है। इस दौरान हाथों, घुटनों या शरीर के अन्य हिस्सों का सहारा लेने की जरूरत और संतुलन बनाए रखने की क्षमता का आकलन किया जाता है।

इस परीक्षण में बैठने और उठने, दोनों के लिए अधिकतम पांच-पांच अंक दिए जाते हैं। सहारा लेने या अस्थिर तरीके से उठने-बैठने पर अंक काटे जाते हैं। कुल स्कोर 0 से 10 तक होता है।

शोध में क्या सामने आया?

European Journal of Preventive Cardiology में प्रकाशित एक अध्ययन में 46 से 75 वर्ष की आयु के 4,282 लोगों का आकलन किया गया। प्रतिभागियों पर औसतन 12.3 वर्षों तक नजर रखी गई। इस अवधि में 665 लोगों की मृत्यु हुई।

शोधकर्ताओं ने पाया कि कम स्कोर वाले समूहों में मृत्यु दर अधिक थी। सबसे कम स्कोर वाले समूह में मृत्यु दर 42.1 प्रतिशत, जबकि 10 में से पूरे अंक पाने वाले समूह में यह 3.7 प्रतिशत थी। उम्र, लिंग, बॉडी मास इंडेक्स और अन्य चिकित्सकीय कारकों को ध्यान में रखने के बाद भी दोनों समूहों के बीच महत्वपूर्ण अंतर देखा गया।

इन आंकड़ों को समझते समय एक जरूरी बात ध्यान में रखनी चाहिए: ये अध्ययन में शामिल समूहों के परिणाम हैं, किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत मृत्यु की संभावना का सीधा अनुमान नहीं। कम स्कोर और अधिक जोखिम के बीच संबंध दिखने का अर्थ यह भी नहीं है कि केवल टेस्ट का स्कोर ही बीमारी या मृत्यु का कारण है।

केवल यही टेस्ट नहीं, दूसरी फिटनेस जांच भी महत्वपूर्ण

फिटनेस और लंबे समय तक स्वस्थ रहने के संबंध पर अन्य शोध भी हुए हैं। अगस्त 2026 में JAMA Network Open में प्रकाशित एक अध्ययन में 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 13,423 लोगों का विश्लेषण किया गया। इसमें बेहतर संतुलन, फुर्ती, पैरों की ताकत और कार्डियोरेस्पिरेटरी फिटनेस का कम मृत्यु जोखिम से संबंध पाया गया।

अध्ययन में 30 सेकंड में कुर्सी से उठने-बैठने, एक पैर पर खड़े रहने और दो मिनट के स्टेप टेस्ट जैसे मानकों का भी इस्तेमाल किया गया। शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि फिटनेस के वस्तुनिष्ठ आकलन से स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को समझने में अतिरिक्त मदद मिल सकती है।

फिटनेस बेहतर करने के लिए क्या करें?

शारीरिक क्षमता बनाए रखने के लिए नियमित पैदल चलना, अपनी क्षमता के अनुसार शक्ति बढ़ाने वाले व्यायाम, संतुलन संबंधी अभ्यास और पर्याप्त आराम उपयोगी हो सकते हैं। व्यायाम की शुरुआत धीरे-धीरे करनी चाहिए और उम्र, पुरानी बीमारी या चोट के अनुसार गतिविधियों में बदलाव करना चाहिए।

यदि कुर्सी से उठने, सीढ़ियां चढ़ने या सामान्य गति से चलने में पहले की तुलना में अधिक परेशानी होने लगी है, तो इसे केवल उम्र का असर मानकर नजरअंदाज न करें। डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट आपकी मांसपेशियों की ताकत, संतुलन और चलने की क्षमता का आकलन कर सकते हैं।

फर्श पर बैठने और उठने का टेस्ट शरीर की ताकत, लचीलेपन और संतुलन के बारे में उपयोगी संकेत दे सकता है। लेकिन इसे मृत्यु का निश्चित पूर्वानुमान मानना गलत होगा। स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए चिकित्सकीय इतिहास, रक्तचाप, अन्य जोखिम कारकों और जरूरत के अनुसार जांचों को भी साथ देखना जरूरी है।

Bharat Baani Bureau

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