27 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने अगले सीजन के लिए नए ट्रेनिंग स्क्वॉड की तैयारी के संकेत दिए हैं। उनका लक्ष्य अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं को मौका देकर टीम को भविष्य की अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के लिए तैयार करना है। यह बदलाव लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 की तैयारियों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
फुल्टन के मुताबिक, भारतीय हॉकी के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का अच्छा पूल है। इंडिया-ए टीम और अंडर-21 स्तर पर कई युवा खिलाड़ी मौजूद हैं, जिन्हें सीनियर टीम के साथ जोड़कर उनकी क्षमता परखी जा सकती है। कोचिंग स्टाफ आने वाले मुकाबलों और ट्रेनिंग कार्यक्रमों के लिए खिलाड़ियों के संयोजन पर काम करेगा।
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के बाद भी जारी रहेगी चयन प्रक्रिया
अगले सीजन के लिए टीम की योजना ऐसे समय सामने आई है, जब भारत एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में हिस्सा ले रहा है। फुल्टन ने संकेत दिया है कि इस टूर्नामेंट के बाद युवा खिलाड़ियों के एक समूह को न्यूजीलैंड दौरे पर भेजने की योजना है। इस दौरान कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों को आराम दिया जा सकता है, जबकि अन्य खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन का अवसर मिलेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के लिए लगभग 30 खिलाड़ियों के समूह पर काम किया गया है। इनमें से 20 खिलाड़ियों को टूर्नामेंट के लिए चुना जाना था, जबकि अतिरिक्त खिलाड़ी न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम की योजनाओं का हिस्सा बन सकते हैं। यह व्यवस्था कोचिंग स्टाफ को अलग-अलग संयोजनों को आजमाने और खिलाड़ियों की तैयारी परखने का मौका देगी।
विश्व कप के अनुभव से सबक लेने की कोशिश
भारतीय टीम के लिए हालिया अंतरराष्ट्रीय अभियान मिले-जुले अनुभव लेकर आया। रिपोर्टों के मुताबिक, विश्व कप में टीम सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सकी, जबकि एशियन गेम्स में भारत ने स्वर्ण पदक जीतकर अपना खिताब बरकरार रखा। फुल्टन ने विश्व कप के प्रदर्शन पर बात करते हुए कहा कि टीम के पास मौके थे, लेकिन खिलाड़ी उनका पूरा फायदा नहीं उठा सके।
कोच के सामने अब चुनौती यह है कि टीम की मौजूदा ताकत को बनाए रखते हुए युवा खिलाड़ियों को भी बड़े मुकाबलों के लिए तैयार किया जाए। अनुभवी खिलाड़ियों को हटाकर उनकी जगह नए खिलाड़ियों को तुरंत उतारना आसान नहीं होगा। इसलिए टीम में बदलाव धीरे-धीरे और प्रदर्शन के आधार पर किए जाने की संभावना है।
लक्ष्य लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028
फुल्टन पहले भी कह चुके हैं कि हॉकी इंडिया लीग (HIL) के बाद टीम के लिए नए सिरे से चयन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उनका मानना है कि ओलंपिक की तैयारी के लिए समय तेजी से निकलता है, इसलिए दो साल पहले से ही कार्यक्रम, ट्रेनिंग कैंप और अंतरराष्ट्रीय मैचों की योजना बनाना जरूरी है।
भारत ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई किया है। ऐसे में अगले सीजन का ट्रेनिंग स्क्वॉड केवल तत्काल मुकाबलों के लिए नहीं, बल्कि ओलंपिक टीम तैयार करने की लंबी प्रक्रिया का हिस्सा होगा।
नए खिलाड़ियों को अवसर देने से टीम में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है और कोचिंग स्टाफ को अलग-अलग विकल्प मिलेंगे। हालांकि, अंतिम स्क्वॉड में किन खिलाड़ियों को जगह मिलेगी, इसका फैसला उनके प्रदर्शन, फिटनेस और टीम की जरूरतों के आधार पर किया जाएगा।
