30 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो): भारत में डिजिटल मर्चेंट पेमेंट्स में सितंबर के दौरान आई सुस्ती के बाद अक्टूबर और नवंबर में सुधार की उम्मीद है। इक्विरस की रिपोर्ट के अनुसार, त्योहारी खरीदारी और दिवाली से जुड़ा खर्च आने वाले दो महीनों में डिजिटल भुगतान को गति दे सकता है। सितंबर में पिछले साल के मुकाबले ऊंचे आधार और त्योहारी खरीदारी के समय में बदलाव का असर भुगतान गतिविधियों पर पड़ा था।
रिपोर्ट का संकेत है कि सितंबर की गिरावट को उपभोक्ता मांग में स्थायी कमजोरी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इस वर्ष त्योहारी खरीदारी का बड़ा हिस्सा अक्टूबर और नवंबर में होने की संभावना है, जबकि पिछले साल कई ऑनलाइन त्योहारी बिक्री अभियान सितंबर के अंतिम सप्ताह में ही शुरू हो गए थे। इसी वजह से दोनों वर्षों के आंकड़ों की तुलना में अंतर दिखाई दे रहा है।
सितंबर में क्रेडिट कार्ड खर्च में 5.9% गिरावट
सितंबर 2026 में भारत में क्रेडिट कार्ड के जरिए कुल खर्च सालाना आधार पर 5.9 प्रतिशत घटकर 2.04 लाख करोड़ रुपये रह गया। फरवरी 2021 के बाद यह पहली बार था, जब क्रेडिट कार्ड खर्च में सालाना गिरावट दर्ज की गई। ऑनलाइन कार्ड खर्च में 12.5 प्रतिशत की कमी आई, जबकि दुकानों और अन्य भौतिक बिक्री केंद्रों पर कार्ड से भुगतान 7.2 प्रतिशत बढ़ा।
विश्लेषकों के मुताबिक, सितंबर 2025 में जीएसटी दरों में कटौती और त्योहारी ऑनलाइन बिक्री जल्दी शुरू होने से खर्च का आधार ऊंचा था। इस साल बिक्री अभियान अक्टूबर में शुरू हुए, जिससे सितंबर के आंकड़ों पर दबाव दिखाई दिया। CareEdge Ratings ने अक्टूबर में क्रेडिट कार्ड खर्च बढ़कर 2.28 लाख करोड़ से 2.38 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान जताया है। नवंबर में दिवाली की खरीदारी से भी खर्च को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
जुलाई में 11.73 लाख करोड़ रुपये का हुआ था डिजिटल भुगतान
इक्विरस सिक्योरिटीज के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में भारत में डिजिटल मर्चेंट पेमेंट्स सालाना आधार पर 19.6 प्रतिशत बढ़कर 11.73 लाख करोड़ रुपये हो गए थे। जून में यह आंकड़ा 11.17 लाख करोड़ रुपये था। इस वृद्धि में UPI और क्रेडिट कार्ड की अहम भूमिका रही।
जुलाई में UPI-पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) भुगतान 23.5 प्रतिशत बढ़कर 9.066 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। कुल डिजिटल मर्चेंट पेमेंट्स में UPI की हिस्सेदारी 77.3 प्रतिशत रही। वहीं, क्रेडिट कार्ड से भुगतान 2.081 लाख करोड़ रुपये और डेबिट कार्ड से भुगतान 37,700 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
UPI भुगतान में सितंबर की मासिक गिरावट
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में UPI के जरिए 24.07 अरब लेनदेन हुए, जिनका कुल मूल्य 29.37 लाख करोड़ रुपये रहा। अगस्त में 24.51 अरब लेनदेन के मुकाबले यह मासिक आधार पर 1.8 प्रतिशत कम था। हालांकि, सितंबर में औसतन प्रतिदिन 80.2 करोड़ लेनदेन हुए और दैनिक भुगतान मूल्य करीब 97,913 करोड़ रुपये रहा। इससे स्पष्ट होता है कि मासिक आंकड़ों में गिरावट के बावजूद दैनिक स्तर पर डिजिटल भुगतान की गतिविधि मजबूत बनी रही।
UPI शुल्क पर फैसले का भी रहेगा असर
डिजिटल भुगतान बाजार के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। बड़े कारोबारियों के यहां 2,000 रुपये से अधिक के कुछ UPI भुगतानों पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत शुल्क लागू करने की योजना को NPCI ने दिवाली के बाद तक टाल दिया है। पहले इसे 15 अक्टूबर से लागू किया जाना था।
इस फैसले से त्योहारी खरीदारी के दौरान व्यापारियों और ग्राहकों को तत्काल बदलाव से राहत मिली है। हालांकि, शुल्क लागू होने की नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी। बाजार की नजर इस बात पर भी रहेगी कि शुल्क व्यवस्था लागू होने के बाद व्यापारी और उपभोक्ता भुगतान के तरीकों में क्या बदलाव करते हैं।
कुल मिलाकर, अक्टूबर और नवंबर डिजिटल भुगतान उद्योग के लिए महत्वपूर्ण महीने होंगे। दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान खरीदारी, यात्रा, उपहार और रोजमर्रा की जरूरतों पर होने वाला खर्च डिजिटल मर्चेंट पेमेंट्स को नई गति दे सकता है। हालांकि, वास्तविक सुधार का आकलन आगामी महीनों के भुगतान आंकड़े आने के बाद ही किया जा सकेगा।
