3 नवंबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : दुनिया के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बेटे क्रिस्टियानो रोनाल्डो जूनियर ने अपने फुटबॉल करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्हें पहली बार पुर्तगाल की अंडर-17 राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है। 16 वर्षीय क्रिस्टियानो जूनियर कोच फिलिप रामोस की ओर से घोषित 23 सदस्यीय टीम का हिस्सा हैं। यह टीम आगामी यूरोपीय अंडर-17 चैंपियनशिप के क्वालिफिकेशन मुकाबलों में हिस्सा लेगी।
पुर्तगाल की युवा टीम में चयन के साथ ही क्रिस्टियानो जूनियर ने राष्ट्रीय फुटबॉल के आयु वर्गों में एक और कदम आगे बढ़ाया है। इससे पहले वह पुर्तगाल की अंडर-15 और अंडर-16 टीमों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अब उन्हें अंडर-17 स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। पुर्तगाली फुटबॉल में उन्हें प्यार से ‘क्रिस्टियानिन्हो’ भी कहा जाता है।
13 अंतरराष्ट्रीय मैचों में पांच गोल
क्रिस्टियानो जूनियर ने मई 2025 में पुर्तगाल की अंडर-15 टीम के साथ अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने अंडर-16 टीम में भी जगह बनाई। अब तक वह पुर्तगाल के युवा आयु वर्गों में कुल 13 मुकाबले खेल चुके हैं और पांच गोल कर चुके हैं। इनमें अंडर-15 स्तर पर चार और अंडर-16 स्तर पर नौ मुकाबले शामिल हैं।
वह फिलहाल सऊदी अरब के क्लब अल-नासर की युवा टीम के लिए खेलते हैं। उनके पिता क्रिस्टियानो रोनाल्डो भी इसी क्लब की सीनियर टीम का हिस्सा हैं। क्लब स्तर पर उनके प्रदर्शन और युवा अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में अनुभव ने उन्हें अंडर-17 टीम तक पहुंचने में मदद की है।
नवंबर में तीन अहम मुकाबले
पुर्तगाल की अंडर-17 टीम यूरोपीय चैंपियनशिप के क्वालिफिकेशन अभियान में तीन मुकाबले खेलेगी। टीम का पहला मैच 11 नवंबर को अंडोरा के खिलाफ होगा। इसके बाद 14 नवंबर को बुल्गारिया और 17 नवंबर को सर्बिया से मुकाबला होगा।
तीनों मैच पुर्तगाल फुटबॉल महासंघ के प्रशिक्षण केंद्र, ओइरास में खेले जाएंगे। क्वालिफिकेशन के इस चरण में ग्रुप की शीर्ष दो टीमों को अगले दौर में जगह बनाने का अवसर मिलेगा। इन मुकाबलों में क्रिस्टियानो जूनियर के प्रदर्शन पर फुटबॉल प्रशंसकों की खास नजर रहेगी।
पिता की विरासत, लेकिन अपनी पहचान बनाने की चुनौती
क्रिस्टियानो जूनियर के लिए फुटबॉल का सफर आसान नहीं रहने वाला है। उनके पिता पांच बार बैलन डी’ओर जीत चुके हैं और पुर्तगाल के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। ऐसे में उनके खेल की तुलना स्वाभाविक रूप से पिता से की जाती है। हालांकि, युवा खिलाड़ी के सामने अपनी अलग पहचान बनाने की चुनौती भी है।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो पहले भी अपने बेटे के फुटबॉल भविष्य को लेकर कह चुके हैं कि वह उस पर पेशेवर फुटबॉलर बनने का दबाव नहीं डालना चाहते। उनका मानना है कि बेटे को अपनी पसंद और मेहनत के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने उसकी गति और ड्रिब्लिंग क्षमता की तारीफ करते हुए यह भी कहा था कि सफल खिलाड़ी बनने के लिए केवल प्रतिभा पर्याप्त नहीं, बल्कि अनुशासन और कड़ी मेहनत भी जरूरी है।
अंडर-17 टीम में चयन क्रिस्टियानो जूनियर के करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव है। आगामी मुकाबले उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित करने का मौका देंगे। हालांकि, अभी उनका सफर शुरुआती दौर में है और उन्हें लंबा रास्ता तय करना है। पुर्तगाल के युवा फुटबॉल प्रशंसकों के साथ दुनिया भर के रोनाल्डो समर्थक भी यह देखने के लिए उत्सुक होंगे कि क्या वह आने वाले वर्षों में अपने पिता की तरह राष्ट्रीय टीम में बड़ी पहचान बना पाते हैं।
