5 नवंबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो): वैश्विक डिजिटल भुगतान क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Visa (वीजा) ने सिंगापुर में छह ग्लोबल कैपेबिलिटी हब स्थापित करने की घोषणा की है। इन केंद्रों का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, क्वांटम कंप्यूटिंग और अगली पीढ़ी की भुगतान तकनीकों के क्षेत्र में नए समाधान विकसित करना है। कंपनी इन तकनीकों को अपने वैश्विक नेटवर्क में लागू करने की दिशा में काम करेगी।
ये छह हब सिंगापुर के पया लेबर ग्रीन स्थित वीजा के नए सॉल्यूशन सेंटर में संचालित होंगे। इस केंद्र में टेक्नोलॉजी, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, साइबर सुरक्षा, इंजीनियरिंग और इनोवेशन से जुड़े 1,500 से अधिक पेशेवर काम करेंगे। कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि AI, साइबर सुरक्षा और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता वाले रिसर्च और इंजीनियरिंग पदों का विस्तार किया जाएगा।
तीन प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
वीजा के छह कैपेबिलिटी हब तीन व्यापक रणनीतिक क्षेत्रों में काम करेंगे। पहला क्षेत्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कॉमर्स है। इसके तहत भुगतान और फिनटेक सेवाओं में AI के इस्तेमाल को आगे बढ़ाया जाएगा। कंपनी एजेंटिक कॉमर्स पर भी काम करेगी, जिसमें AI एजेंट सुरक्षित तरीके से ग्राहकों, व्यापारियों और भुगतान नेटवर्क के साथ संवाद और लेनदेन कर सकेंगे।
दूसरा क्षेत्र अगली पीढ़ी की भुगतान प्रणालियों से जुड़ा है। इसमें डिजिटल मनी, स्टेबलकॉइन, प्रोग्रामेबल पेमेंट और डिजिटल वॉलेट जैसी तकनीकों पर शोध किया जाएगा। इसका उद्देश्य अलग-अलग भुगतान माध्यमों और नेटवर्क के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करना है, ताकि भविष्य में धन का हस्तांतरण अधिक सुविधाजनक और प्रभावी बनाया जा सके।
तीसरा क्षेत्र भरोसे, सुरक्षा और डिजिटल सिस्टम की मजबूती पर केंद्रित होगा। इसके तहत साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के साथ वित्तीय सेवाओं में क्वांटम कंप्यूटिंग के संभावित इस्तेमाल पर शोध किया जाएगा। कंपनी भविष्य में क्वांटम तकनीक से उत्पन्न होने वाली सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की तैयारी भी करना चाहती है।
स्थानीय कंपनियों और संस्थानों के साथ साझेदारी
वीजा के नए केंद्र में काम करने वाली टीमें सिंगापुर के वित्तीय संस्थानों, फिनटेक कंपनियों, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेंगी। घोषित सहयोगी संस्थाओं में AXS, DBS, DCS, FOMO Pay, Nium और StraitsX शामिल हैं।
कंपनी सिंगापुर के मौद्रिक प्राधिकरण (MAS) की BLOOM पहल में भी भाग ले रही है। BLOOM का पूरा नाम Borderless, Liquid, Open, Online, Multi-currency है। यह पहल सीमा-पार और बहु-मुद्रा भुगतान व्यवस्था से जुड़े नए अवसरों पर केंद्रित है। इसके अलावा वीजा क्वांटम कंप्यूटिंग सहित उभरती तकनीकों पर अकादमिक और शोध संस्थानों के साथ भी सहयोग कर रही है।
सिंगापुर की वैश्विक तकनीकी भूमिका को मिलेगा बढ़ावा
वीजा के टेक्नोलॉजी प्रेसिडेंट राजत तनेजा के अनुसार, AI, डिजिटल मनी और उभरती तकनीकें वाणिज्य के भविष्य को तेजी से बदल रही हैं। ऐसे समय में भरोसेमंद तकनीक और विशेषज्ञ प्रतिभा का एक साथ काम करना आवश्यक है। कंपनी का मानना है कि सिंगापुर में इन क्षमताओं को एक स्थान पर लाने से वैश्विक स्तर पर उपयोगी भुगतान और वाणिज्य समाधान विकसित करने में मदद मिलेगी।
वीजा के एशिया प्रशांत क्षेत्र के अध्यक्ष स्टीफन कार्पिन ने भी कहा कि सिंगापुर तेजी से भविष्य के कॉमर्स और भुगतान नवाचार का प्रमुख केंद्र बन रहा है। उनके मुताबिक, एशिया प्रशांत क्षेत्र में भुगतान, डिजिटल मनी, AI और सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के समाधान विकसित किए जा रहे हैं।
सिंगापुर इकोनॉमिक डेवलपमेंट बोर्ड के कार्यकारी उपाध्यक्ष बेंग कोंग पी ने कहा कि वीजा के छह नए ग्लोबल कैपेबिलिटी हब देश में उच्च-मूल्य वाले रोजगार के अवसर पैदा करेंगे। इससे एजेंटिक कॉमर्स और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में वित्तीय उत्पादों और समाधानों के विकास में भी सिंगापुर की भूमिका मजबूत होगी।
वैश्विक भुगतान उद्योग में बदलाव की तैयारी
वीजा के अनुसार, सिंगापुर में अनुसंधान, उत्पाद विकास और इंजीनियरिंग क्षमताओं का विस्तार करने से नई तकनीकों को तेजी से विकसित कर उसके वैश्विक नेटवर्क में लागू किया जा सकेगा। कंपनी का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब डिजिटल भुगतान, AI आधारित सेवाओं, स्टेबलकॉइन और साइबर सुरक्षा को लेकर वित्तीय उद्योग में तेजी से बदलाव हो रहे हैं।
वीजा की यह पहल केवल एक नए कार्यालय या तकनीकी केंद्र की स्थापना नहीं है, बल्कि भविष्य के भुगतान तंत्र के लिए अनुसंधान और नवाचार को एक मंच पर लाने की रणनीति भी है। इससे सिंगापुर की तकनीकी और वित्तीय सेवाओं से जुड़ी वैश्विक स्थिति को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
