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24 अक्टूबर 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) : अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की शिखर वार्ता के रद्द होने के बाद परिस्थितियां काफी बदल चुकी हैं. ट्रंप जहां रूस पर सीधे प्रतिबंध लगाकर उसे झुकाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं पुतिन उनके दबाव में आने के बजाय कह रहे हैं कि अगर युद्ध और बढ़ेगा तो नतीजे विनाश के रूप में सामने आएंगे. इतना ही नहीं ट्रंप के सैंक्शंस के बदले पुतिन ने अपनी ताकत का प्रदर्शन भी किया है.

रूस ने बुधवार को अपनी परमाणु ताकत का प्रदर्शन करते हुए इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) परीक्षण किया. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खुद इन अभ्यासों की निगरानी की. ये टेस्टिंग उस समय हुई, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ यूक्रेन पर प्रस्तावित शिखर बैठक स्थगित कर दी गई और मॉस्को पर नए प्रतिबंध लगाए गए. ऐसे में पुतिन ये सीधा संदेश देना चाहते हैं कि उन्हें इन हथकंडों से झुकाया नहीं जा सकता है.

धरती-आकाश और समंदर में हलचल

क्रेमलिन के मुताबिक ये अभ्यास रूस की न्यूक्लियर ट्रायड- यानि जमीन, समुद्र और हवा से हमले की क्षमता के सभी हिस्सों को शामिल करता है. इसके तहत ‘यार्स’ ICBM को उत्तर-पश्चिम रूस के प्लेसत्स्क लॉन्च सेंटर से छोड़ा गया, जबकि ‘सिनेवा’ ICBM को बारेंट्स सागर में एक परमाणु पनडुब्बी से दागा गया. इसके साथ ही Tu-95 रणनीतिक बमवर्षकों ने लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों से भी अभ्यास किया. रूसी सेना के जनरल स्टाफ प्रमुख जनरल वालेरी गेरासिमोव ने वीडियो लिंक के जरिए पुतिन को जानकारी दी कि इन अभ्यासों का उद्देश्य परमाणु हथियारों के उपयोग की अनुमति देने की प्रक्रिया का अभ्यास करना था. अभ्यास के दौरान पुतिन अकेले टेबल पर बैठे थे और उनके सामने बड़े मॉनिटर पर रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलोउसॉव और गेरासिमोव दिखाई दे रहे थे.
हालांकि रूस नियमित रूप से ऐसे अभ्यास करता है, लेकिन इस बार का टाइमिंग महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

टॉमहॉक उतरा तो नतीजा विनाशकारी
पुतिन के साथ बुडापेस्ट में प्रस्तावित मुलाकात ट्रंप की ओर से रद्द की जा चुकी है क्योंकि वे इसे समय की बर्बादी नहीं बनाना चाहते. यह निर्णय अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की सोमवार की बातचीत के बाद लिया गया था. इसके बाद व्लादिमीर पुतिन पत्रकारों से बातचीत करते हुए साफ तौर पर कहा कि अगर रूस-यूक्रेन युद्ध में टॉमहॉक मिसाइलें उतरीं, तो नतीजे विनाशकारी होंगे. उन्होंने ये भी कहा कि रूस जैसे स्वाभिमानी देश किसी बाहरी दबाव के आगे नहीं झुक सकता. आपको बता दें कि यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की टॉमहॉक मिसाइल इसलिए मांग रहे हैं क्योंकि इसकी रेंज में सीधा मॉस्को आ सकता है. हालांकि ट्रंप इसे यूक्रेन को देने से पीछे हट रहे हैं.

सारांश:
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जोरदार जवाब दिया। पुतिन ने सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हुए धरती, आकाश और समुद्र से मिसाइल परीक्षण किए, जिससे वैश्विक तनाव बढ़ गया है।

Bharat Baani Bureau

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