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नई दिल्ली 31 अक्टूबर 2025 (भारत बानी ब्यूरो ). पूरा भारत गुरुवार की रात एक तरफ जहां जश्न में डूबा था तो टीम को फाइनल में पहुंचाने वाली जेमिमा रोड्रिगेज बच्चे की तरह रोती नजर आई. पहले टीम की कप्तान और साथियों के साथ जीत मिलने पर खुशी के आंसू रोई और फिर पिता के गले लगी तो भावनाओं को रोक नहीं पाई. यह एक यादगार रात थी जब हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम ने भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में सबसे बड़ा पल हासिल किया.

गुरुवार को नवी मुंबई के डॉ डीवाई पाटिल स्टेडियम में महिला विश्व कप के मेजबान भारत ने सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराकर आठ टीमों के टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश किया. जेमिमा रोड्रिग्स ने 134 गेंदों में 14 चौकों की मदद से नाबाद 127 रन की पारी खेली और भारत को 339 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पांच विकेट और नौ गेंद रहते जीत दिलाई.

जीत के बाद जेमिमा अपनी भावनाओं को काबू नहीं रख सकीं और टूट गईं. उन्हें उनकी टीम के बाकी सदस्यों ने सांत्वना दी. वह हाथ जोड़कर “धन्यवाद” कहती हुई भी देखी गईं, ये उनके परिवार के लिए था जो स्टेडियम में बेटी की ऐतिहासिक पारी को देखने के लिए मौजूद थे.
प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार प्राप्त करने के तुरंत बाद जेमिमा अपने परिवार से मिलने गईं और फिर से भावुक हो गईं, लेकिन इस बार यह खुशी के आंसू थे. उन्होंने पहले अपने पिता को गले लगाया, जिन्होंने एक स्थिर चेहरा बनाए रखा. 25 साल की जेमिमा ने फिर अपने बाकी परिवार को गले लगाया.

तीसरे नंबर पर उतरी और मैच जिताकर लौटीं वापस

जेमिमा को रन चेज शुरू होने से 5 मिनट पहले ही बताया गया था कि वो तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरेंगी. भारत को महज 13 रन के स्कोर पर पहला झटका शेफाली वर्मा के रूप में लग गया था. जेमिमा ने जब मैदान पर कदम रखा तो सामने 339 रन का पहाड़ जैसा लक्ष्य था. उन्होंने स्मृति मंधाना, कप्तान हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष और आखिर में अमनजोत के साथ मिलकर साझेदारी निभाते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया. हरमन के साथ 167 रन की साझेदारी अहम रही. 134 बॉल पर उन्होंने 14 चौके की मदद से 127 रन की नाबाद पारी खेली.

सारांश:
भारतीय महिला क्रिकेट टीम को फाइनल में पहुंचाने के बाद जेमिमा रोड्रिग्स भावुक हो उठीं। जीत के बाद उन्होंने अपने पिता को गले लगाते हुए खुशी के आंसू बहाए। मैदान पर पिता-पुत्री का यह पल हर किसी को भावुक कर गया। जेमिमा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई, जिससे भारत को फाइनल में जगह मिली।

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