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नई दिल्ली 03 नवंबर 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) : ‘हेरा फेरी 3’ को लेकर अक्षय कुमार के साथ परेश रावल का विवाद खुलकर सामने आया था. हालांकि, अब दोनों के बीच सबकुछ ठीक है. दशर्क उन्हें एक बार फिर कॉमिक रोल में देखने को बेताब हैं. हालांकि, पब्लिक में अपने रवैये की वजह से परेश रावल बदनाम भी हैं. वे कुछ मौकों पर अपना आपा खो बैठे थे. ऐसी ही एक घटना तब हुई, जब वह प्ले ‘प्रतिशोध’ में परफॉर्म कर रहे थे. वे तब मंच से उतरकर दर्शकों के बीच गए और एक दर्शक को थप्पड़ मार दिया जो लगातार वल्गर कमेंट कर रहा था.

परेश रावल ने राज शमानी को दिए इंटरव्यू में बताया, ‘मैं खुद को रोक नहीं सका. मैं उस तरफ बढ़ा, जहां से आवाज आ रही थी. कोई लगातार अश्लील कमेंट कर रहा था. उस घटना पर काफी हंगामा हुआ. जाहिर है-प्ले बंद हो गया. थिएटर मालिकों ने भी कहा कि वे परेश को वहां परफॉर्म करने नहीं देंगे.’ उन्होंने कहा कि उन्होंने तीन या चार बार से ज्यादा नहीं मारा क्योंकि वह भीड़ के बीच थे, जो उल्टा पड़ सकता था.

परेश रावल ने गुस्से की बताई वजह
परेश रावल को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं था. उन्होंने जो किया, वह उन्हें सही लगा था. लेकिन उन्हें एक दूसरी घटना पर अफसोस होता है, जिसमें उन्होंने एक शख्स के सिर पर पत्थर मार दिया था. वे बोले, ‘मुझे इसका बहुत पछतावा हुआ. बाद में मैं उसके घर गया और फिर हम दोस्त बन गए. अच्छे दोस्त नहीं, लेकिन हम दोस्त बन गए.’ परेश ने आगे कहा, ‘चोट लगने पर अलग-अलग रिएक्शन मिलते हैं. मैं या तो विनम्र हो जाता हूं, उदास हो जाता हूं या हिंसक हो जाता हूं.

गुस्से को बताया फैशन
परेश रावल ने बताया कि उनके पिता को भी गुस्सा जल्दी आ जाता था, लेकिन उनका गुस्सा और भी ज्यादा उग्र है. उन्हें लगता है कि आज समाज में गुस्से का लेवल बहुत बढ़ गया है. वे बोले, ‘गुस्सा तब भी आता है, जब आपको कुछ नहीं मिलता. चीजें कब सही होंगी? तीसरी बात, आप खुद को साबित करना चाहते हैं और यह दिखाना चाहते हैं कि मैं भी कुछ हूं. गुस्सा होना एक फैशन है. वे इसे भुनाना चाहते हैं. कुछ लोगों के पास इसका कारण भी हो सकता है.’

‘रोड टू संगम’ के डायलॉग से समझाई बात
परेश रावल ने यह भी तर्क दिया कि आजकल गुस्से के साथ अपने धर्म को जोड़ना भी होता है. वे बोले, ‘मेरी फिल्म ‘रोड टू संगम’ में एक शानदार डायलॉग था- वे किसी भी बात को धर्म से जोड़ देते हैं. वे बस धर्म को जोड़ देते हैं क्योंकि यह एक बड़ा हथियार है. अगर आप धर्म को जोड़ते हैं, तो 10-15 और लोग भी गुस्से में आ जाएंगे. अगर मैं एक ब्राह्मण, दलित, मुस्लिम या ईसाई बनकर बोलता हूं, तो मुझे और भी झंडा लहराने वाले साथी मिल जाएंगे. यह बहुत आसान है. यह एक बुलेटप्रूफ जैकेट की तरह है. अब, आप मुझे छू नहीं सकते.’

सारांश:
अभिनेता परेश रावल पर एक विवादित बयान देने के बाद हमला हुआ था, जिसमें उनका सिर फूट गया था। उन्होंने कहा था कि “मैं ब्राह्मण, दलित, मुस्लिम बनकर बोलता हूं तो लोगों को परेशानी होती है।” इस घटना के बाद कई थिएटरों में उनके शो पर बैन लगा दिया गया। बाद में उन्होंने मामले पर सफाई देते हुए कहा कि उनका इरादा किसी की भावनाएं आहत करना नहीं था।

Bharat Baani Bureau

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