Notice: Trying to get property 'post_content' of non-object in /home/bharatbaani/htdocs/bharatbaani.com/wp-content/plugins/custom-css-js/custom-css-js.php on line 203

नई दिल्‍ली 27 नवंबर 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) . कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है. राज्‍य के प्रमुख राजनीतिज्ञ हस्तियों का एक दूसरे के घर आना तेजी से शुरू हो गया है. इसी कड़ी में डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने देर रात अचानक जनसेवा मंत्री और सीएम सिद्दारमैया के सबसे वफादार माने जाने वाले सतीश जरकीहोली के घर पहुंचे और करीब तीन घंटे बंद कमरे में मीटिंग की. यह मुलाकात अगले दिन तड़के तक चली. गौरतलब है कि दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से खटास रही है, इसलिए यह अचानक मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा रहा है और तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.

राज्‍य में मामला गर्माते देख डीके शिवकुमार ने सफाई देते हुए कहा कि हमने सिर्फ 2028 और 2029 के चुनाव की रणनीति पर बात की. पार्टी को मजबूत करने के लिए सबको साथ लेकर चलना होगा. लेकिन सूत्रों का कहना है कि डीके अब सिद्दारमैया खेमे के बड़े नेताओं को अपने पाले में लाने की कोशिश हो रही है. राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि यह मुलाकात हाईकमान पर सीधा दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है. अब सबकी नजर दिल्ली पर है, फिलहाल कांग्रेस आलाकमान चुप है.

सूत्रों के अनुसार डीके शिवकुमार और सतीश से मिलने के साफ हो गया है कि 2028 के चुनाव के बाद मुख्यमंत्री बनने की कवायद शुरू हो चुकी है . सतीश प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बन सकते हैं. साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि 2029 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए दोनों ने मिलकर रणनीति बनाने पर सहमति जताई. हालांकि यह भी बताया जा रहा है कि सतीश ने कहा है कि अभी हाईकमान ने सिद्दारमैया को ही आगे रखा है, इसलिए वे सीएम के साथ ही रहेंगे. जब तक सोनिया-राहुल-प्रियंका या मल्लिकार्जुन खड़गे कोई फैसला नहीं लेते, तब तक वे सिद्दारमैया का साथ नहीं छोड़ेंगे.

सतीश जरकीहोली कौन हैं
सतीश जरकीहोली बेलगावी जिले के यमकनमरडी से पांच बार के विधायक हैं और कर्नाटक के सबसे बड़े लिंगायत समुदाय के प्रभावशाली नेता हैं. वे सिद्दारमैया के सबसे करीबी मंत्रियों में से एक हैं और अक्सर सीएम के ‘चाणक्य’ कहे जाते हैं. सतीश कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष भी रह चुके हैं. लिंगायत वोटों पर उनकी मजबूत पकड़ है और 2028 के चुनाव में कांग्रेस के लिए उत्तर कर्नाटक में वे सबसे अहम चेहरा माने जाते हैं.

सारांश

कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी उठापटक जारी है। कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार फुल एक्शन में दिखे और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के सबसे करीबी सहयोगी के घर पहुंचे। इस कदम से पार्टी के हाईकमान पर मुख्यमंत्री पद की नियुक्ति को लेकर दबाव बढ़ गया है।

Bharat Baani Bureau

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *