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05 जनवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ): मध्यप्रदेश के इंदौर में गंदा पानी पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। इंदौर के भागीरथपुरा एरिया में बड़ी संख्या में उल्टी-दस्त के मरीज सामने आ रहे हैं। इस एरिया में अब तक करीब 1500 से ज्यादा ऐसे केसेज सामने आ चुके हैं। जांच में पता चला है कि नर्मदा के पानी के बाद अब बोरिंग का पानी भी दूषित पाया गया है। नगर निगम की जांच में बोरिंग के पानी में फीकल कोलिफार्म बैक्टीरिया पाए गए हैं। जो आंतों में जाकर किसी को भी बीमार कर सकती है।

क्या है फीकल कोलिफार्म बैक्टीरिया?

डॉक्टर विशाल खुराना (डायरेक्टर,गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग, मेट्रो अस्पताल, फरीदाबाद) ने बताया कि फीकल कोलिफार्म बैक्टीरिया ऐसे सूक्ष्म जीव होते हैं जो इंसानों और जानवरों की आंतों में पाए जाते हैं। इनकी मौजूदगी पानी या भोजन में मल प्रदूषण (fecal contamination) का संकेत मानी जाती है। खासकर पीने के पानी में इन बैक्टीरिया का पाया जाना स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हो सकता है।

फीकल कोलिफार्म बैक्टीरिया से बीमारी

फीकल कोलिफार्म खुद हमेशा बीमारी नहीं फैलाते, लेकिन इनके साथ कई हानिकारक रोगाणु भी हो सकते हैं, जैसे ई कोलाई, साल्मोनेला और शिगेला। इनके संपर्क में आने से दस्त, उल्टी, पेट दर्द, टाइफॉयड, हैजा (कॉलेरा) और हेपेटाइटिस A जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में यह संक्रमण ज्यादा गंभीर हो सकता है।

सारांश:
इंदौर में पानी के स्रोतों में फीकल कोलिफार्म बैक्टीरिया पाए जाने से स्वास्थ्य खतरा बढ़ गया है। यह बैक्टीरिया मानव या पशु मल से फैलता है और दूषित पानी के सेवन से डायरिया, पेचिश, टायफाइड, हैजा और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के लिए यह ज्यादा खतरनाक होता है, इसलिए साफ पानी और स्वच्छता बेहद जरूरी है।

Bharat Baani Bureau

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