13 फरवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : क्या आप जो रोटी रोज खाते हैं वो आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छी है? खासतौर से अगर आप किसी बीमारी से जूझ रहे हैं। आपको अपना वजन कम करना है तो दिन में 2-3 बार खाई जाने वाली रोटी काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। अगर आप शुगर के मरीज हैं तो आपकी रोटी ब्लड शुगर को कम ज्यादा करने में अहम रोल प्ले करती है। रोटी से अनजाने में डायबिटीज के मरीज का ब्लड शुगर लेवल को नुकसान हो सकता है। जान लें कौन से आटे की रोटी खाना फायदेमंद होता है।
क्या आपकी रोटी सेहतमंद है?
दिल्ली के वसंत कुंज स्थित फोर्टिस अस्पताल में काम करने वाले गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर शुभम वत्स्या ने हाल ही में एक पोडकास्ट में रोटी के बारे में बात की और बताया कि आपकी सेहत को रोजाना खाई जाने वाली रोटी कितना प्रभावित करती है। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने लोगों को सिर्फ गेहूं की रोटियां खाने पर सलाह दी है। डॉक्टर ने बताया कि सिर्फ गेहूं की रोटी खाने से शरीर में ब्लड शुगर का स्तर तेजी से बढ़ सकता है। उन्होंने तो यहां तक सुझाव दिया कि गेहूं की रोटी खाना पूरी तरह बंद कर दें। इसके बदले में आप बाजरा और ज्वार या दूसरे आटे की रोटी खाना शुरू कर दें।
डॉक्टर वत्स्या ने बताया कि गेहूं एक कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट है और ये शुगर के मॉलीक्यूल्स से बने होते हैं, जो लंबी और मुश्किल श्रृंखलाओं में एक साथ जुड़े होते हैं। सीडीसी के अनुसार, नियमित रूप से कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट खाने से ब्लड शुगर का स्तर धीरे-धीरे बढ़ता है क्योंकि इनमें फाइबर और दूसरे कॉम्प्लेक्स स्टार्च होते हैं जिन्हें शरीर को पचाने में अधिक समय लगता है। अगर आप प्योर गेहूं की रोटी खाना बंद कर सकते हैं तो कर देना चाहिए।
गेहूं की रोटी की जगह क्या खाएं?
अगर आपको डायबिटीज है, तो ज्वार आपके लिए बहुत फायदेमंद है। गेहूं से इंसुलिन का स्तर बढ़ जाता है, इसलिए ज्वार मधुमेह रोगियों के लिए बहुत अच्छा है। प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने के लिए आप बाजरा की रोटी खा सकते हैं। अगर आयरन की कमी है, तो रागी की रोटी आपके लिए अच्छी है। अगर आप किसी एक अनाज की रोटी नहीं खा सकते हैं तो मल्टीग्रेन आटे की रोटियां बनाकर खा लें
सारांश:
रोटी हमारे रोज़मर्रा के आहार का अहम हिस्सा है, लेकिन क्या यह हमेशा सेहतमंद होती है? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट बताते हैं कि रोटी का प्रकार, तैयारी का तरीका और उसकी गुणवत्ता स्वास्थ्य पर बड़ा असर डालती है। सही रोटी का चयन करने से पाचन सुधारता है और ऊर्जा मिलती है, जबकि गलत विकल्प से गैस, अपच और अन्य पाचन समस्याएँ हो सकती हैं।
