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16 फरवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : भारतीय सिनेमा में जब भी डिस्को शब्द का इस्तेमाल होता है, आंखों के सामने एक चेहरा आ जाता है। भारी सोने की चेनों से लदे, लंबे बाल, आंखों पर चश्मा और प्यारी मुस्कान लिए भारतीय सिनेमा के सबसे चहीते सिंगर्स में से एक बप्पी लहरी। ‘डिस्को किंग’ के नाम से मशहूर बप्पी लहरी ने 1973 में ‘नन्हा शिकारी’ से बतौर म्यूजिक डायरेक्टर अपना करियर शुरी किया था, लेकिन उन्हें असली पहचान 1975 में आई ‘जख्मी’ से मिली, जिसमें उन्होंने म्यूजिक देने के साथ-साथ बतौर प्लेबैक सिंगर भी डेब्यू किया। धीरे-धीरे बप्पी लहरी की लोकप्रियता बढ़ती गई और उनकी धुनें हर पार्टी की शान बनती ली गई। उनकी धुनों ने सिर्फ पुरानी जनरेशन को ही नहीं, हर जनरेशन को नचाया और अपने पॉप-डिस्को फ्यूजन और फास्ट बीट्स से ‘डिस्को किंग’ की उपाधि प्राप्त की।

1 साल में रिकॉर्ड किए 180 से ज्यादा गाने

यूं तो बप्पी लहरी का कहना था कि एक साल में 2-3 फिल्मों में काम करना काफी है, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने एक साल में 33 फिल्में और 180 गाने रिकॉर्ड करके एक नया ही इतिहास रच दिया था और इसी की बदौलत उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हुआ। साल 1986 में बप्पी लहरी ने ये उपलब्धि हासिल की थी, जिसने पूरी इंडस्ट्री को चौंका दिया था।

संगीत घराने से था ताल्लुक

बप्पी लहरी का जन्म 27 नवंबर 1952 को बंगाल के एक संगीत परिवार में हुआ था। उनके पिता अपरेश लहरी और मां बंसरी लहरी दोनों ही बंगाल के प्रसिद्ध गायक और संगीतकार थे। बप्पी दा ने तीन साल की उम्र से ही संगीत की ट्रेनिंग लेना शुरू कर दिया था और क्लासिकल तबला वादक पंडित शांताप्रसाद से शिक्षा लेना शुरू कर दिया था। फिर 11 साल में पियानो और ट्यून बजाना शुरू कर दिया और फिर हिंदी, बंगाली और दक्षिण की भी भाषाओं में 5 हजार से ज्यादा गाने गए और 500 से ज्यादा अधिक फिल्मों में संगीत दिया।

सोने से था प्यार

बप्पी लहरी को सोने से बहुत प्यार था, जिसकी वजह अमेरिकी पॉप स्टार एल्विस प्रेस्ली थे। दरअसल, बप्पी दा अमेरिकी पॉप स्टार एल्विस प्रेस्ली से काफी प्रभावित थे और उन्हें अक्सर सोने की चेन पहने देखते थे। उनसे प्रभावित होकर उन्होंने ठान लिया था कि जब वह कामयाब होंगे तो वह भी खूब सोना पहनेंगे और उन्होंने ऐसा ही किया। खास बात तो ये है कि बप्पी लहरी का सोने को लेकर प्यार सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं रहा, वह सोने के कप में चाय भी पीते थे। वो अपने सोना पहनने को काफी लकी भी मानते थे।

सारांश:
स्टार सिंगर ने एक साल में 180 गाने रिकॉर्ड कर अपने नाम को गिनीज बुक में दर्ज कराया। उनकी मेहनत और रिकॉर्ड बनाने की उपलब्धि के साथ-साथ उनका अनोखा लाइफस्टाइल भी चर्चा में है, जिसमें वह चाय तक सोने के कप में पीते थे।

Bharat Baani Bureau

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