03 मार्च 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने यमुना सिटी के औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच आसान बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब इन क्षेत्रों में जाने वाले वाहनों से टोल नहीं लिया जाएगा। यीडा ने यमुना एक्सप्रेसवे प्रबंधन को सेक्टर-28 और 29 के बीच बने रैंप पर स्थापित टोल प्लाजा को तत्काल हटाने का सख्त निर्देश दिया है। livehindustan की खबर के मुताबिक, अगर आदेश का अनुपालन नहीं हुआ, तो प्राधिकरण बुलडोजर चलाकर टोल गेट ध्वस्त कर देगा।

समस्या की जड़ और उद्यमियों का आक्रोश

यमुना एक्सप्रेसवे पर 11, 12, 15, 16, 26 और 36 किमी माइलस्टोन पर यमुना सिटी से जुड़ने वाले कई रैंप हैं, जहां टोल प्लाजा लगे हुए हैं। साथ ही 39 किमी पर जेवर टोल प्लाजा भी संचालित है। अभी तक एक्सप्रेसवे के समानांतर प्रस्तावित 60 मीटर चौड़ी सेवा सड़क अधर में लटकी हुई है, जिस कारण यमुना सिटी के प्लॉट आवंटियों, निवासियों और उद्यमियों को एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करके ही जाना पड़ता है।

80 रुपये टोल चुकाना पड़ रहा है

वर्ष 2025 में यीडा ने औद्योगिक सेक्टरों को एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए सेक्टर-28-29 के बीच विशेष रैंप बनवाया था और स्पष्ट रूप से प्रावधान किया था कि यहां से आने-जाने पर टोल नहीं वसूला जाएगा। कुछ समय तक यह व्यवस्था सुचारू रही, लेकिन पिछले 5 महीनों से एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने दोबारा टोल प्लाजा लगा दिया। अब हर आने-जाने पर उद्यमियों को करीब 80 रुपये टोल चुकाना पड़ रहा है, जिससे क्षेत्र में भारी असंतोष फैल गया है। उद्यमियों की शिकायत पर यीडा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टोल हटाने का आदेश जारी किया। प्राधिकरण के अधिकारी बताते हैं कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने के बाद क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी। ऐसे में औद्योगिक सेक्टरों तक पहुंच के लिए टोल वसूली रखना उचित नहीं होगा।

यमुना सिटी का तेज विकास

यमुना सिटी तेज गति से आकार ले रही है। अब तक 30 हजार से अधिक आवासीय भूखंड आवंटित हो चुके हैं और लगभग 1,100 मकान बनकर तैयार हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में सेक्टर-28, 29, 30, 32 और 33 में कुल 3,113 भूखंडों का आवंटन पूरा हो चुका है। इनमें से 52 कंपनियों को कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी हो चुका है, 27 कंपनियों में उत्पादन शुरू हो गया है, करीब 340 कंपनियों का निर्माण कार्य चल रहा है। इस वर्ष के अंत तक लगभग 180 कंपनियों में उत्पादन शुरू होने की संभावना है। 

सारांश:
यमुना सिटी के औद्योगिक सेक्टर में आने-जाने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रशासन ने यहाँ के टोल को समाप्त कर दिया है, जिससे अब कारोबारियों, कर्मचारियों और अन्य यात्रियों को रोजाना की आवाजाही में आसानी होगी। यह कदम औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और लोगों की जेब पर बोझ कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।

Bharat Baani Bureau

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