24 जून  2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कांग्रेस द्वारा पारित वॉर पावर्स (War Powers) बिल की तीखी आलोचना करते हुए इसे “बेमानी” और “अप्रभावी” करार दिया है। ट्रंप का कहना है कि यह विधेयक अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने के बजाय अनावश्यक राजनीतिक बाधाएं पैदा करता है।

वॉर पावर्स बिल का उद्देश्य राष्ट्रपति की सैन्य कार्रवाई संबंधी शक्तियों पर कांग्रेस की निगरानी और नियंत्रण को बढ़ाना बताया जा रहा है। इसके तहत कुछ परिस्थितियों में सैन्य कार्रवाई जारी रखने के लिए कांग्रेस की मंजूरी आवश्यक हो सकती है।

ट्रंप ने कहा कि राष्ट्रपति को संकट की परिस्थितियों में तेजी से निर्णय लेने की आवश्यकता होती है और ऐसे कानून राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रशासन की क्षमता को सीमित कर सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि यह विधेयक वास्तविक सुरक्षा चुनौतियों का समाधान नहीं करता।

अमेरिकी संविधान के तहत युद्ध और सैन्य कार्रवाई से जुड़े अधिकार राष्ट्रपति और कांग्रेस के बीच विभाजित हैं। इसी कारण समय-समय पर दोनों संस्थाओं के अधिकारों और जिम्मेदारियों को लेकर बहस होती रही है।

विधेयक के समर्थकों का तर्क है कि सैन्य हस्तक्षेप जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों में कांग्रेस की भूमिका सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक जवाबदेही के लिए आवश्यक है। उनका मानना है कि इससे विदेश नीति और सैन्य अभियानों पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी।

दूसरी ओर, आलोचकों का कहना है कि अत्यधिक राजनीतिक हस्तक्षेप आपातकालीन परिस्थितियों में अमेरिका की प्रतिक्रिया क्षमता को प्रभावित कर सकता है।

विश्लेषकों के अनुसार, ट्रंप की प्रतिक्रिया इस व्यापक बहस को दर्शाती है कि राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में राष्ट्रपति को कितनी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए और कांग्रेस की भूमिका कितनी व्यापक होनी चाहिए।

यह मुद्दा अमेरिकी राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है और आने वाले समय में भी राष्ट्रपति तथा कांग्रेस के बीच शक्तियों के संतुलन पर बहस जारी रहने की संभावना है।

Bharat Baani Bureau

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *