06 मार्च 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) :  भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 7 रनों से हराकर फाइनल में एंट्री की। इस मुकाबले में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड के सामने 254 रन का टारगेट रखा था। इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 246 रन ही बना सकी। एक समय टीम इंडिया के लिए यह मैच जीतना काफी मुश्किल लग रहा था, लेकिन अंत के ओवरों में भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने शानदार वापसी कराई और भारत इस मैच को अपने नाम करने में कामयाब रहा।

टॉस के वक्त हैरी ब्रूक ने टीम इंडिया के फैंस को लेकर दिया था बयान

मैच हारने के बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक जाहिर तौर पर काफी निराश नजर आए। मैच शुरू होने से पहले जो उनकी इच्छा थी वो पूरी नहीं हो पाई। दरअसल मैच शुरू होने से पहले टॉस के वक्त इंग्लैंड के कप्तान ब्रूक ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में मौजूद 30 हजार दर्शकों को साइलेंट करने की बात कही थी। उन्होंने टॉस के वक्त बयान दिया था कि आज रात भारतीय टीम को बहुत जबरदस्त समर्थन मिलने वाला है और उम्मीद है कि हम टीम इंडिया के फैंस को काफी हद तक शांत रख पाएंगे। हालांकि ब्रूक की इन उम्मीदों पर टीम इंडिया के प्लेयर्स ने पानी फेर दिया।

मैच हारने के बाद निराश नजर आए कप्तान ब्रूक

मैच खत्म होने के बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने कहा कि हमें लगा था कि पिच नई होने के कारण शुरुआत में थोड़ी मदद मिलेगी और पहली पारी में स्पिन की उम्मीद थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने ये भी माना कि संजू का कैच छोड़ना उनके लिए बहुत बड़ी गलती साबित हुई। इसको लेकर ब्रूक ने कहा कि मैं मानता हं कि सैमसन का कैच छोड़ना मुझसे बड़ी गलती थी। जैसा कि कहावत है, कैच ही मैच जिताते हैं, और दुर्भाग्य से आज रात फील्डिंग में चीजे हमारे पक्ष में नहीं रहीं। अंतत हमें इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। शायद हम उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए जितना कर सकते थे, लेकिन जैसा कि मैंने कहा, हमने पूरी कोशिश की और दुर्भाग्य से हार गए।

ब्रूक ने तीसरे ही ओवर में छोड़ा था संजू सैमसन का कैच

इस मैच में इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक से भारतीय पारी के तीसरे ओवर में बड़ी गलती हुई। मिड ऑन पर फील्डिंग करते हुए उन्होंने जोफ्रा आर्चर की गेंद पर संजू सैमसन का एक आसान सा कैच छोड़ा था। उस वक्त सैमसन सिर्फ 15 रन पर बैटिंग कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने इस जीवनदान का पूरा फायदा उठाया। अंत में वह 42 बॉल पर 8 चौके और 7 छक्की की मदद से 89 रन की मैच विनिंग पारी खेलकर आउट हुए। हैरी ब्रूक एक कैच छोड़कर अपनी टीम के लिए सबसे बड़े विलेन बन गए और भारतीय फैंस को चुप कराने की इच्छा धरी की धरी रह गई। सैमसन को उनकी इस पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड दिया गया।

सारांश:
वानखेड़े स्टेडियम में करीब 30 हजार क्रिकेट फैंस को शांत करने के लिए इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रूक मैदान पर आए, लेकिन अपनी ही गलती की वजह से वे विरोध और आलोचना का केंद्र बन गए। उनकी यह चूक टीम के लिए महंगी साबित हुई और इस वजह से फैंस ने उन्हें “इंग्लैंड का विलेन” करार दिया। यह घटना सोशल मीडिया और मैच के बाद चर्चाओं का प्रमुख विषय बन गई

Bharat Baani Bureau

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