27 मार्च 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : पंजाब के Jalandhar से एक अहम मामला सामने आया है, जहां LPG गैस की आपूर्ति बाधित होने के कारण श्मशान घाट को पारंपरिक तरीके यानी लकड़ी से अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इस स्थिति ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पर्यावरण और आम लोगों की परेशानी को भी उजागर किया है।

जानकारी के अनुसार, शहर के एक प्रमुख श्मशान घाट में लंबे समय से LPG आधारित दाह-संस्कार प्रणाली का उपयोग किया जा रहा था। यह प्रणाली पर्यावरण के अनुकूल मानी जाती है और इससे लकड़ी की खपत भी कम होती है। लेकिन हाल ही में गैस की आपूर्ति में बाधा आने के कारण यह सुविधा ठप हो गई।

LPG की कमी के चलते अब अंतिम संस्कार के लिए पारंपरिक लकड़ी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे न केवल लागत बढ़ गई है, बल्कि पर्यावरण पर भी असर पड़ रहा है। लकड़ी से दाह-संस्कार में अधिक धुआं निकलता है, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि LPG आधारित प्रणाली से अंतिम संस्कार तेज और सुविधाजनक होता था। लेकिन अब उन्हें अधिक समय और संसाधनों का सामना करना पड़ रहा है।

श्मशान घाट के प्रबंधन ने बताया कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस समस्या के बारे में सूचित कर दिया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।

विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में LPG या इलेक्ट्रिक दाह-संस्कार प्रणाली को बढ़ावा देना जरूरी है, ताकि पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सके।

Jalandhar जैसे शहरों में जहां जनसंख्या अधिक है, वहां इस तरह की सुविधाओं का सुचारू रूप से चलना बेहद जरूरी है।

इस घटना ने प्रशासनिक स्तर पर समन्वय की कमी को भी उजागर किया है। अगर समय पर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाती, तो इस स्थिति से बचा जा सकता था।

स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि वे इस समस्या का जल्द समाधान करने की कोशिश कर रहे हैं और LPG की आपूर्ति बहाल करने के लिए संबंधित एजेंसियों से संपर्क में हैं।

इस बीच, लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और वे जल्द से जल्द स्थिति सामान्य होने की उम्मीद कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा हो रही है और लोग प्रशासन से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

निष्कर्ष के तौर पर, Jalandhar के श्मशान घाट में LPG की कमी के कारण लकड़ी से अंतिम संस्कार की वापसी एक अस्थायी समाधान है, लेकिन यह प्रशासन के लिए एक चेतावनी भी है कि जरूरी सेवाओं में बाधा न आए।

सारांश:

जालंधर में LPG आपूर्ति बाधित होने से श्मशान घाट में लकड़ी से अंतिम संस्कार शुरू हुआ, जिससे लोगों को परेशानी और पर्यावरण पर नकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।

Bharat Baani Bureau

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