1 अप्रैल 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : दिल की बीमारियों से बचाव के लिए आहार में बदलाव पर जोर देते हुए American Heart Association ने नई सलाह जारी की है। संगठन ने लोगों से अपने भोजन में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन को बढ़ाने और फुल-फैट डेयरी उत्पादों को सीमित करने या उनके विकल्प अपनाने का आग्रह किया है। यह सिफारिश ऐसे समय में आई है जब दुनिया भर में हृदय रोग मृत्यु का प्रमुख कारण बने हुए हैं।
American Heart Association के अनुसार, आहार में छोटे-छोटे बदलाव भी दिल की सेहत पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं। प्लांट-बेस्ड प्रोटीन जैसे दालें, बीन्स, सोया, नट्स और बीज न केवल पोषण से भरपूर होते हैं, बल्कि इनमें संतृप्त वसा की मात्रा भी कम होती है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पारंपरिक आहार में पशु-आधारित प्रोटीन, खासकर रेड मीट और फुल-फैट डेयरी उत्पादों का अधिक सेवन, दिल की बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकता है। इन खाद्य पदार्थों में संतृप्त वसा और कोलेस्ट्रॉल अधिक होता है, जो रक्त में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को बढ़ा सकता है। इससे धमनियों में ब्लॉकेज का खतरा बढ़ जाता है।
इसके विपरीत, प्लांट-बेस्ड प्रोटीन न केवल प्रोटीन की जरूरत पूरी करते हैं, बल्कि इनमें फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं। ये सभी तत्व मिलकर दिल को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इसलिए American Heart Association ने सुझाव दिया है कि लोग धीरे-धीरे अपने आहार में इनका अनुपात बढ़ाएं।
फुल-फैट डेयरी उत्पादों जैसे मक्खन, क्रीम और फुल-फैट दूध के स्थान पर लो-फैट या प्लांट-बेस्ड विकल्पों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। उदाहरण के तौर पर, सोया मिल्क, बादाम दूध या ओट मिल्क जैसे विकल्प अपनाए जा सकते हैं। इससे संतृप्त वसा का सेवन कम होगा और दिल की सेहत बेहतर बनी रहेगी।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यह बदलाव अचानक करने की जरूरत नहीं है। लोग धीरे-धीरे अपने आहार में बदलाव कर सकते हैं, जैसे सप्ताह में कुछ दिन मांस के बजाय दाल या सब्जियों का सेवन करना। इसी तरह, चाय या कॉफी में फुल-फैट दूध की जगह लो-फैट या प्लांट-बेस्ड दूध का उपयोग किया जा सकता है।
American Heart Association ने यह भी स्पष्ट किया है कि संतुलित आहार सबसे महत्वपूर्ण है। केवल एक प्रकार के भोजन पर निर्भर रहने के बजाय विभिन्न प्रकार के पोषक तत्वों को शामिल करना जरूरी है। साबुत अनाज, फल, सब्जियां, नट्स और बीज सभी मिलकर एक स्वस्थ आहार बनाते हैं।
भारत जैसे देशों में, जहां पारंपरिक आहार पहले से ही दालों और सब्जियों पर आधारित है, वहां यह सलाह अपनाना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। हालांकि, शहरी क्षेत्रों में बढ़ते फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड के सेवन के कारण आहार की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जिससे हृदय रोगों का खतरा बढ़ रहा है।
इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों को अपने भोजन के प्रति जागरूक होना चाहिए और ऐसे विकल्प चुनने चाहिए जो लंबे समय तक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हों। प्लांट-बेस्ड प्रोटीन को अपनाना न केवल दिल के लिए अच्छा है, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी बेहतर माना जाता है।
कुल मिलाकर, American Heart Association की यह सलाह इस बात पर जोर देती है कि सही आहार के जरिए दिल की बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। छोटे-छोटे बदलाव, जैसे प्लांट-बेस्ड प्रोटीन को बढ़ाना और फुल-फैट डेयरी को कम करना, लंबे समय में बड़े फायदे दे सकते हैं।
Summary
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने दिल की सेहत के लिए प्लांट-बेस्ड प्रोटीन बढ़ाने और फुल-फैट डेयरी कम करने की सलाह दी, जिससे हृदय रोगों का खतरा घट सकता है।
