10 अप्रैल 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : Iran और Israel के बीच जारी युद्ध के बीच वैश्विक तेल संकट गहराता जा रहा है। इसी बीच Donald Trump का बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि “बहुत जल्द तेल बहना शुरू हो जाएगा, चाहे ईरान सहयोग करे या नहीं।”

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक, Strait of Hormuz, आंशिक रूप से बाधित है। इस जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है और यहां रुकावट का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समय सैकड़ों जहाज इस मार्ग पर फंसे हुए हैं और आवाजाही सामान्य स्तर से काफी कम है। ऐसे में तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है और कई देशों में ईंधन महंगा हो गया है।

Donald Trump ने साफ संकेत दिया है कि अमेरिका इस स्थिति को लंबे समय तक बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि तेल आपूर्ति बाधित रही, तो अमेरिका कड़े कदम उठा सकता है। उनका कहना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर रखना जरूरी है और इसके लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

हालांकि, जमीनी स्थिति अभी भी जटिल बनी हुई है। Iran की ओर से जलडमरूमध्य पर नियंत्रण और सुरक्षा को लेकर अलग दावे किए जा रहे हैं, जबकि अमेरिका और उसके सहयोगी इसे खुला रखने पर जोर दे रहे हैं।

इस टकराव का सीधा असर वैश्विक बाजारों पर पड़ा है। तेल की कीमतें करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं और निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ गई है। इसके कारण शेयर बाजारों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, खासकर उन देशों में जो तेल आयात पर निर्भर हैं।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संकट लंबे समय तक चलता है, तो दुनिया को वैकल्पिक सप्लाई चैन तलाशने होंगे। कुछ देशों ने पहले ही अन्य स्रोतों से तेल खरीदना शुरू कर दिया है, जबकि अमेरिका अपनी घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रहा है।

इस बीच, युद्धविराम (ceasefire) की कोशिशें भी जारी हैं, लेकिन स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है। Donald Trump का यह बयान एक तरह से दबाव की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जिससे Iran को बातचीत के लिए मजबूर किया जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि तेल सप्लाई का भविष्य काफी हद तक Strait of Hormuz के खुलने पर निर्भर करता है। अगर यहां स्थिति सामान्य होती है, तो बाजार में स्थिरता लौट सकती है, लेकिन अगर तनाव बढ़ता है तो कीमतों में और उछाल आ सकता है।

कुल मिलाकर, Donald Trump का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया एक बड़े ऊर्जा संकट के मुहाने पर खड़ी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या वास्तव में तेल सप्लाई सामान्य होती है या फिर यह टकराव और गहराता है।

सारांश:

ट्रंप ने कहा जल्द तेल सप्लाई शुरू होगी, भले ईरान सहयोग करे या नहीं। होर्मुज़ जलडमरूमध्य संकट से वैश्विक बाजार और तेल कीमतों पर असर पड़ा है।

Bharat Baani Bureau

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