22 अप्रैल 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : नई रिसर्च में यह सामने आया है कि आम दिखने वाले इंफेक्शन—जैसे Urinary Tract Infection और दांतों की सड़न—लंबे समय में दिमागी सेहत पर गंभीर असर डाल सकते हैं और Dementia के खतरे को बढ़ा सकते हैं।
वैज्ञानिकों का कहना है कि शरीर में बार-बार होने वाले इंफेक्शन से सूजन (inflammation) बढ़ती है, जो मस्तिष्क तक पहुंचकर न्यूरोलॉजिकल नुकसान का कारण बन सकती है। यह प्रक्रिया धीरे-धीरे याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित करती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब शरीर किसी इंफेक्शन से लड़ता है, तो इम्यून सिस्टम सक्रिय हो जाता है और कई केमिकल्स रिलीज करता है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो यही सूजन मस्तिष्क के लिए हानिकारक बन सकती है।
दांतों की सड़न और मसूड़ों की बीमारी खास तौर पर चिंता का विषय मानी जा रही है। खराब ओरल हेल्थ के कारण बैक्टीरिया खून के जरिए शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंच सकते हैं। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि ये बैक्टीरिया मस्तिष्क में भी प्रवेश कर सकते हैं और वहां सूजन को बढ़ा सकते हैं।
इसी तरह, Urinary Tract Infection खासकर बुजुर्गों में गंभीर प्रभाव डाल सकता है। कई मामलों में यूटीआई के दौरान अचानक कंफ्यूजन, भूलने की समस्या और व्यवहार में बदलाव देखने को मिलता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार यूटीआई होना दिमागी सेहत के लिए जोखिम बढ़ा सकता है।
रिसर्च यह भी संकेत देती है कि जिन लोगों को पहले से हल्की याददाश्त की समस्या है, उनमें इंफेक्शन इस गिरावट को और तेज कर सकते हैं। यानी इंफेक्शन एक तरह से “ट्रिगर” का काम करते हैं, जो डिमेंशिया की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा सकते हैं।
हालांकि, वैज्ञानिक यह भी स्पष्ट करते हैं कि इंफेक्शन सीधे तौर पर Dementia का कारण नहीं बनते, बल्कि यह जोखिम कारकों में से एक हो सकते हैं। इसके पीछे उम्र, जेनेटिक्स, लाइफस्टाइल और अन्य बीमारियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस अध्ययन के बाद विशेषज्ञों ने लोगों को अपनी सामान्य स्वास्थ्य आदतों पर अधिक ध्यान देने की सलाह दी है। नियमित रूप से दांतों की सफाई, समय पर इंफेक्शन का इलाज और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने से जोखिम को कम किया जा सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति में बार-बार इंफेक्शन हो रहा है या अचानक मानसिक स्थिति में बदलाव दिखता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत मेडिकल सलाह लेनी चाहिए।
कुल मिलाकर, यह रिसर्च इस बात पर जोर देती है कि छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि उनका असर लंबे समय में गंभीर हो सकता है।
सारांश:
नई रिसर्च के अनुसार यूटीआई और दांतों के इंफेक्शन से सूजन बढ़कर डिमेंशिया का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए समय पर इलाज और अच्छी स्वास्थ्य आदतें जरूरी हैं।
