28 मई अप्रैल 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : Bharatiya Janata Party ने पूर्व Congress नेता Kewal Singh Dhillon को Punjab BJP का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह फैसला 2027 Punjab Assembly elections से पहले पार्टी की रणनीतिक तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि Kewal Dhillon की नियुक्ति से Punjab में BJP की Sikh outreach मजबूत होगी। Dhillon एक प्रमुख Jat Sikh चेहरा माने जाते हैं और Malwa region में उनका राजनीतिक प्रभाव माना जाता है।
Kewal Singh Dhillon पहले Indian National Congress में लंबे समय तक सक्रिय रहे। वह Barnala से विधायक भी रह चुके हैं। उन्होंने 2022 में Congress छोड़कर BJP जॉइन की थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि BJP Punjab में अपनी संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार नए सामाजिक और राजनीतिक समीकरण बनाने की कोशिश कर रही है। पार्टी को उम्मीद है कि Dhillon का अनुभव और Sikh community में पहचान उसे राज्य में विस्तार करने में मदद करेगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्तमान Punjab BJP chief Sunil Jakhar का कार्यकाल जुलाई में समाप्त होने वाला था। हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि Jakhar आगामी चुनाव रणनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।
BJP के इस फैसले को Punjab की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। राज्य में फिलहाल Aam Aadmi Party की सरकार है, जबकि Congress और Shiromani Akali Dal भी अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, 2027 चुनाव BJP के लिए चुनौतीपूर्ण होंगे क्योंकि पार्टी अभी तक Punjab में स्वतंत्र रूप से बड़ी चुनावी सफलता हासिल नहीं कर पाई है। ऐसे में Sikh नेतृत्व को आगे लाना पार्टी की long-term strategy का हिस्सा माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, BJP के भीतर लंबे समय से यह चर्चा चल रही थी कि Punjab unit की कमान किसी Sikh चेहरे को दी जानी चाहिए। रिपोर्ट्स में BJP महासचिव Tarun Chugh और RSS leadership के समर्थन का भी उल्लेख किया गया है।
Born in Tallewal village of Barnala district, Dhillon 2007 से 2017 तक MLA रहे। बाद में उन्हें AAP नेता Gurmeet Singh Meet Hayer से हार का सामना करना पड़ा था।
राजनीतिक observers का कहना है कि Dhillon की Amarinder Singh camp से नजदीकी भी BJP के लिए फायदेमंद हो सकती है। Amarinder Singh के समर्थकों के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।
सोशल मीडिया पर इस नियुक्ति को लेकर mixed reactions देखने को मिले। BJP समर्थकों ने इसे “strategic masterstroke” बताया, जबकि विपक्षी दलों ने इसे opportunistic politics करार दिया।
Punjab politics के जानकारों का कहना है कि BJP अब state-level identity politics और community outreach पर ज्यादा ध्यान दे रही है। किसान आंदोलन के बाद पार्टी की image को लेकर बने challenges को भी यह कदम address करने की कोशिश माना जा रहा है।
इस बीच, BJP ने Delhi, Haryana और Tripura में भी नए प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए हैं। पार्टी इसे upcoming state elections से पहले बड़े organizational reshuffle के रूप में देख रही है।
विश्लेषकों के अनुसार, Kewal Dhillon के सामने सबसे बड़ी चुनौती Punjab में BJP की grassroots presence बढ़ाना और rural Sikh voters तक पहुंच बनाना होगी।
कुल मिलाकर, Bharatiya Janata Party द्वारा Kewal Singh Dhillon को Punjab chief बनाना 2027 Assembly elections से पहले बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। यह नियुक्ति BJP की Sikh outreach strategy और state expansion plans को दर्शाती है।
