14 जुलाई 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : आज की व्यस्त जीवनशैली में कई लोग नियमित रूप से पर्याप्त नींद नहीं ले पाते। लगातार कम सोने से शरीर पर जो प्रभाव पड़ता है, उसे ‘स्लीप डेट’ (Sleep Debt) कहा जाता है। इसका मतलब है कि शरीर को जितनी नींद की आवश्यकता होती है और जितनी वास्तव में मिलती है, उनके बीच का अंतर।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति कई दिनों तक पर्याप्त नींद नहीं लेता, तो थकान, एकाग्रता में कमी, चिड़चिड़ापन और याददाश्त पर असर जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। लंबे समय तक स्लीप डेट बने रहने से मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि एक-दो दिन की नींद की कमी को कुछ अतिरिक्त आराम लेकर काफी हद तक पूरा किया जा सकता है। हालांकि, कई सप्ताह या महीनों तक बनी रहने वाली नींद की कमी को केवल सप्ताहांत में अधिक सोकर पूरी तरह दूर नहीं किया जा सकता।
बेहतर नींद के लिए रोज़ाना एक निश्चित समय पर सोने और जागने की आदत, सोने से पहले स्क्रीन का कम उपयोग, कैफीन का सीमित सेवन और शांत वातावरण बनाए रखना फायदेमंद माना जाता है।
यदि लंबे समय तक पर्याप्त नींद लेने के बावजूद थकान, खर्राटे, बार-बार नींद टूटना या दिन में अत्यधिक नींद आने जैसी समस्याएं बनी रहें, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना आवश्यक है। यह किसी नींद संबंधी विकार का संकेत हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी नींद केवल आराम के लिए नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी है।
