2 जून 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : Middle East में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के बीच हुई एक फोन बातचीत चर्चा का विषय बन गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, Lebanon में हुए हालिया हवाई हमलों को लेकर Trump ने Netanyahu से कड़ी नाराजगी जताई और कहा, “Everybody hates you now” यानी “अब हर कोई आपसे नाराज़ है।”
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बातचीत उस समय हुई जब Lebanon में इज़राइली सैन्य कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना बढ़ रही थी। कई देशों और संगठनों ने क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष और नागरिक हताहतों पर चिंता व्यक्त की है।
सूत्रों के अनुसार, Trump ने Netanyahu से कहा कि लगातार सैन्य कार्रवाई के कारण Israel को कूटनीतिक स्तर पर नुकसान हो रहा है और वैश्विक समर्थन कमजोर पड़ सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि Trump का यह कथित बयान इस बात का संकेत माना जा रहा है कि Washington क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ते देखने के पक्ष में नहीं है।
Lebanon और Israel के बीच पिछले कुछ समय से तनाव बना हुआ है। सीमा क्षेत्रों में कई बार सैन्य झड़पें और हवाई हमले हो चुके हैं, जिससे व्यापक संघर्ष की आशंका बढ़ी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि Middle East पहले से ही कई संकटों का सामना कर रहा है। ऐसे में Lebanon front पर बढ़ता तनाव पूरे क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, हालिया strikes के बाद Lebanon के कई इलाकों में नुकसान की खबरें सामने आईं। वहीं Israel का कहना है कि उसकी कार्रवाई सुरक्षा खतरों के जवाब में की गई।
Political analysts का मानना है कि Trump प्रशासन क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई के बजाय diplomatic solutions पर अधिक जोर देना चाहता है।
इस बातचीत की खबर सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इसकी व्यापक चर्चा हुई। कई पर्यवेक्षकों ने इसे Washington और Tel Aviv के बीच रणनीतिक मतभेदों का संकेत माना।
हालांकि दोनों देशों के बीच सुरक्षा और रक्षा सहयोग अब भी मजबूत माना जाता है, लेकिन कुछ मुद्दों पर सार्वजनिक और निजी स्तर पर मतभेद उभरते रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी इस कथित टिप्पणी को लेकर बहस छिड़ गई। कुछ लोगों ने Trump के बयान को स्पष्ट संदेश बताया, जबकि अन्य ने इसे राजनीतिक दबाव की रणनीति करार दिया।
Middle East मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि Lebanon में जारी तनाव केवल स्थानीय मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और geopolitics पर पड़ सकता है।
इस बीच, कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने सभी पक्षों से संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
विश्लेषकों के अनुसार, यदि संघर्ष बढ़ता है तो क्षेत्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा स्थिति पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
Trump और Netanyahu के संबंध वर्षों से वैश्विक राजनीति में चर्चा का विषय रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर करीबी सहयोग देखा गया है, लेकिन हालिया घटनाक्रम ने नई अटकलों को जन्म दिया है।
कूटनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक रूप से कठोर भाषा का उपयोग अक्सर राजनीतिक संदेश देने का माध्यम भी हो सकता है।
Lebanon संकट पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है और कई देश स्थिति को शांत करने के लिए diplomatic efforts में जुटे हुए हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि Israel और Lebanon के बीच तनाव कम करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं और अमेरिका इस प्रक्रिया में क्या भूमिका निभाता है।
कुल मिलाकर, Lebanon strikes को लेकर Donald Trump और Benjamin Netanyahu के बीच हुई कथित तीखी बातचीत ने Middle East की जटिल राजनीति और क्षेत्रीय तनावों पर एक बार फिर वैश्विक ध्यान केंद्रित कर दिया है।
