22  जुलाई  2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : अमेरिका के War Secretary पीट हेगसेथ ने कहा है कि ईरान के खिलाफ जारी युद्ध में अमेरिका अब तक लगभग 37.5 अरब डॉलर खर्च कर चुका है। यह आंकड़ा संघर्ष की बढ़ती आर्थिक कीमत को दर्शाता है।

हेगसेथ के अनुसार, युद्ध पर हुआ खर्च सैन्य अभियानों, हथियारों, सैनिकों की तैनाती और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों से जुड़े अन्य खर्चों को शामिल करता है। हालांकि, युद्ध के जारी रहने के साथ यह लागत और बढ़ सकती है।

ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान के चलते पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव का असर क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी लंबे सैन्य संघर्ष की वास्तविक लागत केवल तत्काल सैन्य खर्च तक सीमित नहीं रहती। सैनिकों की तैनाती, हथियारों की भरपाई, सैन्य उपकरणों का रखरखाव और संभावित पुनर्निर्माण लागत भी सरकार के वित्तीय बोझ को बढ़ा सकती है।

अमेरिका पहले से ही बड़े रक्षा बजट पर खर्च करता है। ईरान युद्ध पर अतिरिक्त अरबों डॉलर का खर्च अमेरिकी बजट और करदाताओं पर दबाव बढ़ा सकता है। संघर्ष लंबा खिंचने पर इस खर्च को लेकर अमेरिकी राजनीति में भी बहस तेज होने की संभावना है।

इस बीच, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की भी चर्चा जारी है। हालांकि, सैन्य कार्रवाई और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव

Bharat Baani Bureau

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