1 जून 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : Iran ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल United States के साथ परमाणु मुद्दे पर कोई सक्रिय बातचीत नहीं हो रही है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों और क्षेत्रीय तनावों के चलते परमाणु वार्ता आगे नहीं बढ़ पा रही है।
ईरान का कहना है कि अमेरिका की “विरोधाभासी नीतियां” और क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियां भरोसे का माहौल बनने नहीं दे रही हैं। ईरानी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि वॉशिंगटन की ओर से दिए जा रहे अलग-अलग संकेत कूटनीतिक प्रक्रिया को कमजोर कर रहे हैं।
हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ा है। अमेरिका और उसके सहयोगियों की सैन्य गतिविधियों, साथ ही Strait of Hormuz को लेकर बढ़ते विवाद ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। इसी बीच, अमेरिकी हमलों और ईरानी जवाबी कार्रवाइयों ने क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ा दिया है।
हालांकि इससे पहले कई रिपोर्ट्स में संकेत मिले थे कि दोनों पक्ष किसी सीमित समझौते या अस्थायी ढांचे पर विचार कर रहे हैं। कुछ प्रस्तावों में युद्धविराम, Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही बहाल करने और बाद में परमाणु मुद्दे पर चर्चा करने की बात शामिल थी।
लेकिन ईरान ने अब साफ कर दिया है कि परमाणु कार्यक्रम पर औपचारिक वार्ता शुरू नहीं हुई है। तेहरान का कहना है कि पहले विश्वास बहाली और क्षेत्रीय तनाव कम होना जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे बड़ा विवाद यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment) और प्रतिबंधों को हटाने को लेकर बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार को सीमित करे, जबकि ईरान इसे अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय अधिकार का हिस्सा मानता है।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump लगातार यह दावा कर रहे हैं कि समझौते की संभावना अभी भी बनी हुई है। हालांकि ईरान की ओर से दिए गए ताजा बयान ने यह संकेत दिया है कि किसी व्यापक डील तक पहुंचना अभी आसान नहीं होगा।
वैश्विक बाजार भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय निवेश बाजारों पर अमेरिका-ईरान संबंधों का सीधा असर देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, Iran का यह बयान दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच परमाणु मुद्दे पर अविश्वास अभी भी गहरा है और निकट भविष्य में किसी बड़ी प्रगति की संभावना सीमित दिखाई दे रही है।
