15 जून 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि यह कदम बच्चों को ऑनलाइन खतरों, साइबर बुलिंग, हानिकारक सामग्री और सोशल मीडिया के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों से बचाने के लिए उठाया गया है।
सरकार के अनुसार, हाल के वर्षों में बच्चों और किशोरों के बीच सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अत्यधिक सोशल मीडिया उपयोग चिंता, अवसाद, आत्मसम्मान में कमी और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है।
प्रस्तावित नियमों के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को उपयोगकर्ताओं की आयु सत्यापित करने के लिए अधिक सख्त उपाय लागू करने होंगे। यदि कंपनियां नियमों का पालन नहीं करती हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
ब्रिटिश सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म को बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अधिक जिम्मेदारी उठानी चाहिए। इसके लिए तकनीकी और कानूनी दोनों स्तरों पर नए उपायों पर काम किया जा रहा है।
समर्थकों का कहना है कि यह कदम बच्चों को ऑनलाइन लत, अनुचित सामग्री और डिजिटल दबाव से बचाने में मदद करेगा। उनका तर्क है कि कम उम्र में सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग बच्चों के सामाजिक और भावनात्मक विकास को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर कुछ आलोचनाएं भी सामने आई हैं। कुछ विशेषज्ञों और नागरिक अधिकार समूहों का कहना है कि प्रतिबंध लागू करना व्यावहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है और इससे निजता (privacy) से जुड़े सवाल भी उठ सकते हैं।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि आयु सत्यापन प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए सोशल मीडिया कंपनियों और सरकार के बीच समन्वय आवश्यक होगा। साथ ही यह सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा कि बच्चों की व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रहे।
ब्रिटेन पहले भी ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर कई कदम उठा चुका है और यह घोषणा उसी व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। सरकार का उद्देश्य डिजिटल दुनिया को बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित बनाना है।
शिक्षा और बाल अधिकारों से जुड़े संगठनों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि बच्चों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए ऐसे उपायों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
फिलहाल सरकार इस नीति के कार्यान्वयन से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं पर काम कर रही है। आने वाले महीनों में इसके विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाने की संभावना है।
