17 जून 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने कहा है कि जो लोग दूसरों को मर्यादा, अनुशासन और आचरण का उपदेश देते हैं, उन्हें पहले स्वयं भी उन सिद्धांतों का पालन करना चाहिए। उनका यह बयान राज्य की मौजूदा राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है।
एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं और संगठनों की जिम्मेदारी है कि वे अपने व्यवहार से उदाहरण प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि केवल उपदेश देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन मूल्यों को अपने आचरण में भी दिखाना चाहिए।
Bhagwant Mann ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ लोग लगातार दूसरों को मर्यादा और नैतिकता का पाठ पढ़ाते हैं, लेकिन जब स्वयं उन मानकों पर खरा उतरने की बात आती है तो वे पीछे हट जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना और मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन सार्वजनिक संवाद में गरिमा और सम्मान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी सकारात्मक और रचनात्मक राजनीति को बढ़ावा देने की अपील की।
मान ने कहा कि पंजाब की जनता नेताओं के शब्दों से अधिक उनके कार्यों को देखती है। इसलिए जनप्रतिनिधियों को अपने व्यवहार और निर्णयों में पारदर्शिता तथा जवाबदेही दिखानी चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह बयान हाल के दिनों में विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर चल रही बहसों के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति या संगठन का सीधे तौर पर उल्लेख नहीं किया।
विपक्षी दलों की ओर से भी इस बयान पर प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है। पंजाब की राजनीति में हाल के महीनों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि समाज और राजनीति में सम्मानजनक संवाद लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करता है। उन्होंने लोगों से विभाजनकारी राजनीति से दूर रहने की अपील की।
फिलहाल, मान का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे विभिन्न संदर्भों में देखा जा रहा है।
