23 जून  2026 (भारत बानी ब्यूरो ) :  केंद्रीय मंत्री Ravneet Singh Bittu और George Kurian का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो गया है। हालांकि, जहां जॉर्ज कुरियन ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, वहीं रवनीत सिंह बिट्टू ने अभी तक इस्तीफा नहीं दिया है, जिससे उनके मंत्री पद पर बने रहने को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, कोई व्यक्ति संसद का सदस्य न होने पर भी अधिकतम छह महीने तक मंत्री पद पर बना रह सकता है। इस दौरान उसे लोकसभा या राज्यसभा का सदस्य चुना या मनोनीत होना आवश्यक होता है।

राजनीतिक सूत्रों का मानना है कि केंद्र सरकार रवनीत बिट्टू को मंत्रिपरिषद में बनाए रखना चाहती है। ऐसे में उन्हें आगामी महीनों में किसी सदन का सदस्य बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

George Kurian ने राज्यसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे को संवैधानिक परंपरा के अनुरूप कदम माना जा रहा है।

दूसरी ओर, पंजाब से आने वाले भाजपा नेता Ravneet Singh Bittu का मामला अलग माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व उन्हें पंजाब में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक चेहरा मानता है और आगामी राजनीतिक रणनीति में उनकी भूमिका अहम हो सकती है।

विश्लेषकों का कहना है कि बिट्टू को मंत्री बनाए रखना भाजपा की पंजाब संबंधी राजनीतिक योजनाओं का हिस्सा हो सकता है। राज्य में पार्टी अपने जनाधार को मजबूत करने के प्रयासों में जुटी हुई है और बिट्टू को प्रमुख चेहरों में गिना जाता है।

हालांकि, सरकार या भाजपा की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि बिट्टू कितने समय तक मंत्री पद पर बने रहेंगे और उन्हें संसद में दोबारा प्रवेश दिलाने की क्या रणनीति होगी।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, आने वाले हफ्तों में इस मुद्दे पर तस्वीर साफ हो सकती है। यदि बिट्टू को किसी सदन में भेजने की व्यवस्था नहीं होती, तो संवैधानिक समयसीमा के भीतर उन्हें भी मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है।

Bharat Baani Bureau

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