30 जून 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : केंद्र सरकार ने देशभर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी तथा सुलभ बनाने के उद्देश्य से कई नई स्वास्थ्य पहलों की शुरुआत की है। इन पहलों का लक्ष्य गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाना है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, नई पहलों के तहत गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान, सुरक्षित प्रसव, नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता को भी मजबूत किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं और बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। डिजिटल स्वास्थ्य प्रणालियों और तकनीक का उपयोग कर गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य निगरानी, टीकाकरण और नियमित जांच को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
नई पहल के अंतर्गत स्वास्थ्यकर्मियों को अतिरिक्त प्रशिक्षण देने, प्रसव पूर्व और प्रसव के बाद की देखभाल को बेहतर बनाने तथा नवजात शिशुओं के लिए आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने की भी योजना है। सरकार का मानना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों की समय रहते पहचान की जा सकेगी।
इसके अलावा बच्चों के पोषण, स्तनपान को बढ़ावा देने, समय पर टीकाकरण और एनीमिया जैसी समस्याओं की रोकथाम के लिए भी विशेष अभियान चलाए जाएंगे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार के लिए पोषण, स्वच्छता, नियमित चिकित्सा जांच और जागरूकता अभियान समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत ने पिछले वर्षों में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन अभी भी कई क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की आवश्यकता है। नई पहल से विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने कहा है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से इन कार्यक्रमों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय नियमित निगरानी और मूल्यांकन के माध्यम से इन पहलों के प्रभाव का आकलन करेगा, ताकि जरूरत के अनुसार सुधार किए जा सकें।
इन नई पहलों के माध्यम से केंद्र सरकार का उद्देश्य देश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़ बनाना, सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना और प्रत्येक बच्चे को जीवन की बेहतर शुरुआत सुनिश्चित करना है।
