14 अगस्त, 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : वैज्ञानिकों ने एक ऐसी नई वैक्सीनेशन रणनीति विकसित करने की दिशा में काम किया है जिसमें मच्छर के काटने को ही प्रतिरक्षा (Immunity) विकसित करने के माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रयोगात्मक तकनीक का उद्देश्य मलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों से सुरक्षा बढ़ाना है।

पारंपरिक वैक्सीन में शरीर को इंजेक्शन के जरिए रोगजनक के कमजोर या निष्क्रिय हिस्से के संपर्क में लाया जाता है। नई रणनीति में वैज्ञानिक ऐसे आनुवंशिक रूप से संशोधित मच्छरों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनके काटने से शरीर को मलेरिया परजीवी के ऐसे रूप के संपर्क में लाया जा सकता है जो बीमारी पैदा किए बिना प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न करने में मदद करे।

शोधकर्ताओं का मानना है कि मच्छर के जरिए वैक्सीन पहुंचाने से त्वचा और प्रतिरक्षा प्रणाली के बीच होने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया का फायदा उठाया जा सकता है। इसका लक्ष्य शरीर को मलेरिया परजीवी के खिलाफ पहले से तैयार करना है।

हालांकि, यह तकनीक अभी प्रयोगात्मक चरण में है और इसे सामान्य टीकाकरण का विकल्प नहीं माना जा सकता। इसकी सुरक्षा, प्रभावशीलता और लंबे समय तक मिलने वाली सुरक्षा को समझने के लिए व्यापक मानव परीक्षणों की आवश्यकता होगी।

यदि यह तरीका सफल साबित होता है, तो भविष्य में मच्छर जनित बीमारियों के खिलाफ टीकाकरण के नए रास्ते खुल सकते हैं। वैज्ञानिकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना होगी कि संशोधित मच्छरों के संपर्क से बीमारी या अन्य अनपेक्षित स्वास्थ्य जोखिम पैदा न हों।

Bharat Baani Bureau

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