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नई दिल्ली, 27 मार्च (भारत बानी) : प्याज निर्यात प्रतिबंध को आगे बढ़ाने की वजह से मंडी की कीमतों में संभावित गिरावट की चिंताओं के बीच सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया कि वह उनके हितों की रक्षा के लिए अगले 2-3 दिन में पांच लाख टन रबी प्याज की खरीद शुरू करेगी। पिछले सप्ताह वाणिज्य मंत्रालय ने प्याज निर्यात पर प्रतिबंध अगले आदेश तक बढ़ा दिया था। प्याज निर्यात पर रोक 31 मार्च तक वैध थी। 

उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने कहा, ‘‘हम किसानों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि उनकी चिंता का ध्यान रखा जाएगा। …हम बफर स्टॉक बनाए रखने के लिए अगले 2-3 दिन में पांच लाख टन रबी (सर्दियों) की फसल की खरीद शुरू करेंगे।” उन्होंने कहा कि प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध से व्यापारियों पर असर पड़ रहा है, न कि किसानों पर, क्योंकि महाराष्ट्र में औसत मंडी (थोक) कीमतें फिलहाल लगभग 13-15 रुपए प्रति किलोग्राम हैं, जो पिछले वर्ष के स्तर से लगभग दोगुनी है। उन्होंने कहा, ‘‘भले ही कीमतें गिरें, हम किसानों के हितों की रक्षा करेंगे।” 

सचिव ने कहा कि सरकार आमतौर पर प्रचलित मंडी दरों पर बफर स्टॉक के लिए प्याज खरीदती है। हालांकि, यदि दरें उत्पादन लागत से नीचे आती हैं, तो सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कम से कम किसानों की लागत पूरी हो। वर्ष 2023-24 में सरकार ने बफर स्टॉक के लिए 17 रुपए प्रति किलोग्राम की औसत दर पर 6.4 लाख टन प्याज (रबी और खरीफ दोनों फसलें) खरीदा था। उन्होंने कहा, लगभग पूरी मात्रा का निपटान कर दिया गया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में विशेष कार्याधिकारी निधि खरे ने कहा कि पिछले साल प्याज की खरीद जून में की गई थी लेकिन इस साल यह अगले दो दिन में जल्दी शुरू होने जा रही है। 

दो नोडल सहकारी एजेंसियां- नेफेड और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) खरीद कार्य को अंजाम देंगी। खरीद के लिए, नेफेड और एनसीसीएफ को प्याज किसानों का पूर्व-पंजीकरण करना है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसानों को भुगतान प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से उनके बैंक खातों में किया जाए। खुदरा कीमतों पर रबी प्याज उत्पादन में संभावित गिरावट के प्रभाव के बारे में सचिव ने कहा कि देश में औसत खुदरा कीमतें फिलहाल 33 रुपए प्रति किलोग्राम पर स्थिर हैं। सरकार ने आपूर्ति-मांग के अंतर को दो तरह से निपटने के लिए कार्ययोजना बनाई है। 

Bharat Baani Bureau

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