13  जुलाई  2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में रहे, क्योंकि निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा गया, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा।

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित होती है।

शुरुआती कारोबार में आईटी, बैंकिंग, ऑटो और वित्तीय क्षेत्र के कई प्रमुख शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। हालांकि कुछ रक्षात्मक क्षेत्रों के शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया।

विश्लेषकों का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया के घटनाक्रम आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय वैश्विक घटनाक्रम, कॉर्पोरेट नतीजों और आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए रखें।

Bharat Baani Bureau

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