6 जुलाई  2026 (भारत बानी ब्यूरो ) :  पंजाबी गायक और अभिनेता Diljit Dosanjh ने अपनी फिल्म Satluj पर भारत में लगाए गए प्रतिबंध को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि फिल्म का भी वही हश्र हुआ जो मानवाधिकार कार्यकर्ता Jaswant Singh Khalra का हुआ।

दिलजीत ने एक साक्षात्कार में कहा कि फिल्म का उद्देश्य इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय को सामने लाना था, लेकिन भारत में इसे रिलीज की अनुमति नहीं मिली। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और फिल्म जगत में नई चर्चा शुरू हो गई है।

‘सतलुज’ कथित तौर पर जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके मानवाधिकार अभियान से प्रेरित घटनाओं को प्रस्तुत करती है। खालड़ा ने 1990 के दशक में पंजाब में कथित फर्जी मुठभेड़ों और लापता लोगों के मामलों को उजागर करने का काम किया था।

दिलजीत दोसांझ ने कहा कि फिल्मों के माध्यम से इतिहास और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा होना लोकतांत्रिक समाज का हिस्सा है। उनका मानना है कि दर्शकों को किसी भी विषय पर आधारित फिल्म देखने और अपनी राय बनाने का अवसर मिलना चाहिए।

फिल्म के भारत में प्रतिबंध को लेकर आधिकारिक कारणों और संबंधित प्रक्रियाओं पर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इस मुद्दे पर सार्वजनिक और राजनीतिक स्तर पर भी बहस जारी है।

फिल्म उद्योग के कुछ लोगों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और रचनात्मक आज़ादी के पक्ष में अपनी राय व्यक्त की है, जबकि अन्य का मानना है कि संवेदनशील विषयों पर बनी फिल्मों के मामले में नियामक संस्थाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है।

दिलजीत दोसांझ का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उनके समर्थक और आलोचक दोनों इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

फिलहाल फिल्म की भारत में रिलीज को लेकर कोई नई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि विदेशों में फिल्म को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बनी हुई है।

Bharat Baani Bureau

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