14  जुलाई  2026 (भारत बानी ब्यूरो ) :  पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रूसी कच्चे तेल के बढ़ते आयात पर प्रकाशित एक संपादकीय के जवाब में कहा है कि रूस से अधिक तेल आयात करना भारत की एक सोची-समझी और रणनीतिक ऊर्जा नीति का हिस्सा है।

मंत्रालय के अनुसार, भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और देश के लिए किफायती दरों पर कच्चे तेल की उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से विभिन्न देशों से आयात करता है। इसी रणनीति के तहत रूस से तेल की खरीद बढ़ाई गई है।

मंत्रालय ने कहा कि भारत किसी एक देश पर निर्भर रहने के बजाय आयात स्रोतों में विविधता बनाए रखने की नीति अपनाता है। वैश्विक बाजार में उपलब्धता, कीमत, गुणवत्ता और आपूर्ति की विश्वसनीयता जैसे कारकों को ध्यान में रखकर खरीद के निर्णय लिए जाते हैं।

सरकार का कहना है कि रूस से तेल आयात बढ़ने से भारतीय रिफाइनरियों को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर कच्चा तेल उपलब्ध हुआ है, जिससे घरेलू ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और आर्थिक हितों की रक्षा में मदद मिली है।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की ऊर्जा खरीद पूरी तरह राष्ट्रीय हितों और आर्थिक आवश्यकताओं के आधार पर होती है। इसका उद्देश्य ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखना और उपभोक्ताओं पर अनावश्यक बोझ कम करना है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों और तेल बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भारत की आयात नीति ऊर्जा सुरक्षा और लागत के बीच संतुलन बनाने पर केंद्रित है।

Bharat Baani Bureau

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