30 जुलाई 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : संसद की एक समिति ने देश में उच्च गुणवत्ता वाले घरेलू कोयले के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कोयला वाशरी (Coal Washery) इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की सिफारिश की है। समिति का मानना है कि बेहतर वाशरी सुविधाओं से कोयले की गुणवत्ता में सुधार होगा और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
समिति ने कहा कि भारत में कोयले की पर्याप्त उपलब्धता होने के बावजूद, उच्च राख (Ash) वाले कोयले के कारण बिजली संयंत्रों और उद्योगों को चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। आधुनिक वाशरियों के माध्यम से कोयले से अशुद्धियों और अतिरिक्त राख को हटाकर उसकी गुणवत्ता बेहतर बनाई जा सकती है।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि सरकार नई वाशरियों की स्थापना के साथ-साथ मौजूदा इकाइयों के आधुनिकीकरण पर भी जोर दे। इससे ऊर्जा दक्षता बढ़ेगी, पर्यावरणीय प्रभाव कम होगा और बिजली उत्पादन की लागत में भी सुधार आ सकता है।
समिति ने यह भी कहा कि घरेलू स्तर पर बेहतर गुणवत्ता वाले कोयले का उत्पादन बढ़ने से इस्पात, सीमेंट और बिजली जैसे प्रमुख क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। साथ ही, विदेशी कोयले के आयात पर होने वाला खर्च भी कम किया जा सकेगा।
समिति ने संबंधित मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से इस दिशा में तेजी से कदम उठाने और आवश्यक निवेश सुनिश्चित करने की सिफारिश की है, ताकि देश की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा सके।
