Notice: Trying to get property 'post_content' of non-object in /home/bharatbaani/htdocs/bharatbaani.com/wp-content/plugins/custom-css-js/custom-css-js.php on line 203

28 अगस्त, 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : DA और पेंशन समेत मांगों को लेकर पंजाब के कर्मचारियों की हड़ताल तेज, CM भगवंत मान बोले- हड़ताल खत्म होने तक नहीं होगी बातचीत

हिंदी न्यूज़

पंजाब में सरकारी कर्मचारियों और मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार के बीच टकराव बढ़ता नजर आ रहा है। लंबित महंगाई भत्ते (DA), पुरानी पेंशन योजना (OPS) और अन्य सेवा संबंधी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर जाने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदर्शन जारी रहने तक कर्मचारी संगठनों से बातचीत करने से इनकार कर दिया।

कर्मचारियों ने 27 अगस्त को राज्यव्यापी आंदोलन किया, जिसके कारण पंजाब के कई सरकारी विभागों में कामकाज प्रभावित हुआ। कर्मचारी संगठनों के अनुसार, बड़ी संख्या में कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे और कई सरकारी कार्यालयों के साथ अस्पतालों की ओपीडी सेवाओं पर भी इसका असर पड़ा।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबे समय से लंबित DA की किस्तों का भुगतान, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और अन्य सेवा संबंधी मुद्दे शामिल हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इन मांगों को लेकर सरकार से लंबे समय से बातचीत की कोशिश की जा रही है, लेकिन ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कर्मचारियों के आंदोलन के बीच स्पष्ट किया कि सरकार उनके जायज मुद्दों को सुनने के लिए तैयार है, लेकिन बातचीत और हड़ताल एक साथ नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को पहले हड़ताल खत्म करनी होगी, जिसके बाद सरकार उनके साथ बातचीत करेगी।

मामला उस समय और गंभीर हो गया जब कर्मचारियों के प्रतिनिधियों और मुख्यमंत्री के बीच प्रस्तावित बैठक नहीं हो सकी। कर्मचारी प्रतिनिधि मुख्यमंत्री से बातचीत के लिए जालंधर पहुंचे थे, लेकिन बैठक नहीं होने के बाद गतिरोध और बढ़ गया।

राज्यभर में कर्मचारियों की अनुपस्थिति का असर प्रशासनिक कामकाज पर दिखाई दिया। कई सरकारी कार्यालयों में सेवाएं प्रभावित हुईं, जबकि अस्पतालों में ओपीडी सेवाओं पर भी असर पड़ा। इससे आम लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा।

कर्मचारी संगठनों ने सरकार के रुख पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यदि सरकार बातचीत के लिए तैयार नहीं होती है तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है। कुछ कर्मचारी नेताओं ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की संभावना की भी बात कही है।

सरकार की ओर से भी प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, सामूहिक अवकाश या अनुपस्थिति को लेकर नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना है। इससे कर्मचारियों और सरकार के बीच तनाव और बढ़ सकता है।

इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्षी दलों ने कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए पंजाब सरकार पर लंबित DA का भुगतान नहीं करने और कर्मचारियों की मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। शिरोमणि अकाली दल और BJP ने भी सरकार की आलोचना की है।

पंजाब कांग्रेस ने भी मुख्यमंत्री के रुख को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने कर्मचारियों के खिलाफ संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि विवाद का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए।

Bharat Baani Bureau

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *