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2 सितंबर , 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : अमेरिकी सेना ने मंगलवार देर रात ईरान के खिलाफ अपने ताजा हवाई हमलों की लहर पूरी करने की घोषणा की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इन हमलों में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें वायु रक्षा प्रतिष्ठान, रडार सिस्टम, समुद्री संसाधन और सुविधाएं, बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता तथा संचार केंद्र शामिल थे।

अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष एक बार फिर गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। सप्ताहांत में दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी और हमलों के बाद मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नए हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों और सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाया। हालिया घटनाक्रम को पिछले कई सप्ताहों में दोनों देशों के बीच सबसे गंभीर सैन्य टकरावों में से एक माना जा रहा है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि अभियान का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना और उन संसाधनों को निशाना बनाना था जिन्हें अमेरिका क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण मानता है। विशेष रूप से एयर डिफेंस और रडार सिस्टम को निशाना बनाए जाने से यह संकेत मिलता है कि अमेरिका ईरान की निगरानी और हवाई रक्षा क्षमता को कम करने की कोशिश कर रहा है।

अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से Axios ने यह भी बताया कि मंगलवार के हमलों में ईरान सरकार से जुड़े दो टैंकरों को निशाना बनाया गया। हालांकि, इस संबंध में उपलब्ध जानकारी अमेरिकी अधिकारियों के दावों पर आधारित है।

ईरान की जवाबी कार्रवाई

अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों और ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सैन्य उपस्थिति वाले जॉर्डन, बहरीन और इराक में भी हमलों की खबरें सामने आईं। इससे संघर्ष के व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में बदलने की आशंका और बढ़ गई है।

यह घटनाक्रम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी चिंता बढ़ा रहा है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। हालिया संघर्ष के कारण यहां समुद्री परिवहन और तेल आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है।

अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट के अनुसार, सोमवार को लगभग 1.7 करोड़ बैरल कच्चा तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरा। यह युद्ध के दौरान इस जलमार्ग से गुजरने वाली कच्चे तेल की सबसे बड़ी मात्रा बताई गई है। इसके बावजूद क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ने से भविष्य में तेल की आपूर्ति और कीमतों पर दबाव पड़ने की आशंका बनी हुई है।

नागरिकों की मौत से बढ़ी चिंता

ताजा संघर्ष के दौरान नागरिकों के हताहत होने की खबरों ने भी अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है। ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास सिरिक इलाके में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले में पांच लोगों की मौत हुई और लगभग 50 लोग घायल हुए। ईरानी मीडिया रिपोर्टों में घायलों की संख्या इससे अधिक भी बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों में एक चार वर्षीय बच्चा भी शामिल था।

इस घटना ने संघर्ष के मानवीय प्रभाव को लेकर सवाल खड़े किए हैं। लगातार सैन्य हमलों के बीच नागरिक आबादी के लिए जोखिम बढ़ता जा रहा है और क्षेत्र में विस्थापन तथा मानवीय संकट की स्थिति गंभीर होने की आशंका है।

संघर्ष का व्यापक प्रभाव

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी, जिसके बाद ईरान ने इजरायल तथा खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए। इसके बाद से संघर्ष ने पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया है।

इस संघर्ष का असर केवल सैन्य क्षेत्र तक सीमित नहीं है। वैश्विक तेल बाजार भी इसकी वजह से प्रभावित हुआ है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी लंबे समय तक व्यवधान से दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हो सकती है। ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता का असर महंगाई, परिवहन लागत और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि उनका उद्देश्य ईरान को बातचीत की मेज पर मजबूर करना नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर ईरान के लोगों से अपने नेतृत्व के खिलाफ उठ खड़े होने का सवाल भी किया।

फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव जारी रहने से मध्य पूर्व की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। अमेरिका द्वारा ताजा हमलों का अभियान पूरा किए जाने के बावजूद तत्काल तनाव कम होने के संकेत स्पष्ट नहीं हैं। यदि दोनों पक्षों के बीच जवाबी हमले जारी रहते हैं, तो संघर्ष के और व्यापक होने का खतरा बना रहेगा।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर है कि अमेरिका और ईरान आगे सैन्य कार्रवाई को बढ़ाते हैं या किसी राजनयिक समाधान की दिशा में कदम उठाते हैं। आने वाले दिनों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति, तेल आपूर्ति और क्षेत्र में अमेरिकी तथा ईरानी सैन्य गतिविधियां वैश्विक बाजारों और भू-राजनीतिक स्थिति के लिए महत्वपूर्ण संकेतक रहेंगी।

Bharat Baani Bureau

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