11 सितंबर, 2026 (भारत बानी ब्यूरो): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के तहत अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने भारतीय और सिख समुदाय को लेकर विवादों में घिरी अपनी ‘Mr Singh’ सेल्फ-डिपोर्टेशन सोशल मीडिया पोस्ट हटा दी है। पोस्ट में एक पगड़ीधारी और दाढ़ी वाले व्यक्ति को दिखाते हुए उसे अमेरिकी सड़कों से हटने और खुद देश छोड़ने का संदेश दिया गया था। इस पोस्ट को लेकर भारतीय-अमेरिकी, सिख और हिंदू संगठनों ने तीखी आपत्ति जताई थी और इसे नस्लीय तथा धार्मिक रूढ़िवादिता को बढ़ावा देने वाला बताया था।
विवादित पोस्ट अमेरिकी DHS के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर 9 सितंबर को साझा की गई थी। यह पोस्ट ‘Transformers: Age of Deportations’ नाम से तैयार की गई थी और इसमें लोकप्रिय ‘Transformers’ फ्रेंचाइजी के किरदार Optimus Prime को DHS के निशान के साथ दिखाया गया था। उसके सामने एक भूरे रंग की त्वचा और दाढ़ी वाले व्यक्ति को दिखाते हुए संदेश दिया गया था—“Get off our roads, you don’t know how to drive Mr Singh.” एक अन्य संदेश में प्रवासियों से “Self-deport or find out” कहा गया था।
पोस्ट हटाने के बाद DHS की सफाई
विवाद बढ़ने के बाद DHS ने पोस्ट को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया। हालांकि, विभाग ने पोस्ट हटाने के साथ ही आलोचकों पर पलटवार किया। DHS ने कहा कि पोस्ट में किसी काल्पनिक या सामान्य सिख ट्रक ड्राइवर को निशाना नहीं बनाया गया था, बल्कि इसमें हरजिंदर सिंह नाम के एक भारतीय व्यक्ति का संदर्भ था।
DHS के अनुसार, हरजिंदर सिंह पर फ्लोरिडा में एक घातक सड़क दुर्घटना से जुड़े गंभीर आरोप हैं। विभाग ने अपने बयान में आलोचना को “nonsensical drivel” यानी बेतुकी और निरर्थक बातें करार दिया तथा अपनी आव्रजन नीति का बचाव किया। विभाग ने यह भी कहा कि हरजिंदर सिंह भारत से आया एक अवैध प्रवासी है और उसे अमेरिका में नहीं होना चाहिए था।
हालांकि, DHS ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यदि विभाग अपने संदेश को सही मानता है तो विवादित पोस्ट को हटाने का फैसला क्यों किया गया।
‘सिंह’ नाम को लेकर उठे सवाल
विवाद का सबसे बड़ा केंद्र पोस्ट में ‘Mr Singh’ नाम का इस्तेमाल रहा। सिंह सिख पुरुषों में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाला उपनाम है और अमेरिका में बड़ी संख्या में सिख तथा पंजाबी परिवार इस नाम का इस्तेमाल करते हैं।
आलोचकों का कहना है कि किसी एक व्यक्ति से जुड़े मामले को प्रस्तुत करने के लिए एक ऐसे नाम का इस्तेमाल करना, जो किसी पूरे समुदाय से गहराई से जुड़ा हो, लोगों के बीच गलत धारणा पैदा कर सकता है। सिख और भारतीय-अमेरिकी संगठनों ने इसी आधार पर DHS पर नस्लीय और धार्मिक प्रोफाइलिंग का आरोप लगाया।
Sikh Coalition ने कहा कि 9/11 हमलों के 25 साल बाद भी सिखों को उनकी बाहरी पहचान के कारण निशाना बनाए जाने की चिंता बनी हुई है। संगठन ने इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका में लाखों सिखों के नाम के साथ ‘Singh’ जुड़ा है।
भारतीय-अमेरिकी संगठनों ने किया विरोध
पोस्ट के सामने आने के बाद Hindu American Foundation (HAF) और Coalition of Hindus of North America समेत कई संगठनों ने इसकी आलोचना की। HAF ने पोस्ट को नस्लीय और भारत-विरोधी प्रोफाइलिंग बताया तथा मामले की जांच की मांग की।
Coalition of Hindus of North America ने कहा कि खतरनाक ड्राइवर अलग-अलग जातीय, धार्मिक और सामाजिक पृष्ठभूमि से आते हैं और किसी विशेष उपनाम को निशाना बनाना सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने का उचित तरीका नहीं है। संगठन ने पोस्ट हटाए जाने का स्वागत किया, लेकिन यह भी कहा कि कानून लागू करते समय किसी समुदाय को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
अमेरिकी नेताओं ने भी जताई नाराजगी
विवाद ने अमेरिकी राजनीति में भी जगह बनाई। कैलिफोर्निया के गवर्नर Gavin Newsom के कार्यालय ने पोस्ट को सिख समुदाय को निशाना बनाने वाली नस्लीय प्रचार सामग्री बताया। कांग्रेस सदस्य Raja Krishnamoorthi ने भी कहा कि अमेरिकी सरकार को अपनी शक्ति का इस्तेमाल किसी व्यक्ति के धर्म, विरासत या पहचान के आधार पर लोगों को यह महसूस कराने के लिए नहीं करना चाहिए कि वे देश में स्वीकार्य नहीं हैं।
इससे पहले भी DHS की आव्रजन नीति और अवैध प्रवासियों के खिलाफ उसके सख्त अभियान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक विवाद होते रहे हैं। ‘Mr Singh’ पोस्ट ने इस बहस में धार्मिक और नस्लीय पहचान का मुद्दा भी जोड़ दिया है।
Transformers के इस्तेमाल पर Hasbro की आपत्ति
विवाद केवल ‘Mr Singh’ संदेश तक सीमित नहीं रहा। पोस्ट में Optimus Prime और अन्य Transformers किरदारों के इस्तेमाल को लेकर खिलौना एवं मनोरंजन कंपनी Hasbro ने भी आपत्ति जताई।
Hasbro ने कहा कि इन किरदारों का इस्तेमाल उसकी अनुमति के बिना किया गया और यह सामग्री Transformers ब्रांड या Hasbro का प्रतिनिधित्व नहीं करती। इससे DHS की पोस्ट को लेकर कॉपीराइट और राजनीतिक प्रचार में लोकप्रिय मनोरंजन पात्रों के इस्तेमाल का सवाल भी उठ गया।
सेल्फ-डिपोर्टेशन अभियान की पृष्ठभूमि
यह पोस्ट DHS के व्यापक CBP Home अभियान का हिस्सा थी, जिसके तहत अमेरिका में बिना वैध दस्तावेज के रह रहे कुछ प्रवासियों को स्वेच्छा से देश छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभाग इस कार्यक्रम को अपनी आव्रजन प्रवर्तन नीति के हिस्से के रूप में प्रचारित कर रहा है।
हालांकि DHS ने विवादित पोस्ट हटा दी है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने यह बहस तेज कर दी है कि आव्रजन और कानून-व्यवस्था संबंधी सरकारी संदेशों में किसी धार्मिक या जातीय समुदाय की पहचान को किस तरह प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
पोस्ट हटाए जाने से तत्काल विवाद कुछ हद तक शांत हुआ है, लेकिन सिख और भारतीय-अमेरिकी संगठनों का कहना है कि केवल पोस्ट हटाना पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार, सरकारी एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कानून लागू करने के नाम पर किसी पूरे समुदाय के प्रति नकारात्मक रूढ़ियां या भय का माहौल पैदा न हो।
