14 सितंबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो): अमृतसर सूरमास ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शेर-ए-पंजाब टी20 लीग के उद्घाटन संस्करण का खिताब अपने नाम कर लिया। मोहाली के आईएस बिंद्रा स्टेडियम में खेले गए फाइनल में अमृतसर सूरमास ने लुधियाना लायंस को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। पहले गेंदबाजी करते हुए सूरमास ने लुधियाना को 20 ओवर में 142 रन पर रोक दिया और फिर 143 रन के लक्ष्य को महज 16.4 ओवर में दो विकेट खोकर हासिल कर लिया।
यह जीत अमृतसर की टीम के लिए इसलिए भी खास रही क्योंकि उसने टूर्नामेंट के पहले ही संस्करण में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस फ्रेंचाइजी आधारित प्रतियोगिता में छह शहरों की टीमों ने हिस्सा लिया था।
गेंदबाजों ने रखी जीत की नींव
टॉस जीतकर अमृतसर सूरमास ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टीम के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही लुधियाना लायंस के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा और नियमित अंतराल पर विकेट हासिल किए।
लुधियाना की टीम एक समय 86 रन पर सात विकेट गंवा चुकी थी और बड़े स्कोर की उसकी उम्मीदें लगभग खत्म हो गई थीं। कप्तान सलिल अरोड़ा, अभिजीत गर्ग और कृष भगत जैसे प्रमुख बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके।
अमृतसर के लिए मयंक मार्कंडे सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने चार ओवर में केवल 17 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। उनकी शानदार स्पिन गेंदबाजी ने लुधियाना की रन गति को नियंत्रित रखने में अहम भूमिका निभाई। शुबहम राणा ने भी महत्वपूर्ण समय पर विकेट लेकर विपक्षी टीम को दबाव में रखा।
आखिरी विकेट की साझेदारी से 142 तक पहुंचा लुधियाना
लुधियाना लायंस के लिए पारी के अंतिम हिस्से में हरीश कुमार और साहिल भास्कर ने संघर्ष किया। दोनों ने आखिरी विकेट के लिए 26 रन जोड़कर टीम को 140 के पार पहुंचाया।
लुधियाना की पूरी टीम 20 ओवर में 142 रन पर सिमट गई और अमृतसर सूरमास के सामने 143 रन का लक्ष्य रखा। अमृतसर के गेंदबाजों ने शुरुआती 15 ओवरों में जिस तरह लायंस को दबाव में रखा, वही मुकाबले का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।
नमन धीर ने संभाली कप्तानी पारी
लक्ष्य का पीछा करने उतरी अमृतसर सूरमास की शुरुआत भी पूरी तरह आसान नहीं रही। जश्नप्रीत सिंह जल्दी आउट हो गए, लेकिन इसके बाद कप्तान नमन धीर और साहज धवन ने पारी को संभाल लिया।
दोनों ने मिलकर 58 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की और लुधियाना के गेंदबाजों पर दबाव वापस डाल दिया। नमन धीर ने केवल 12 गेंदों में 29 रन की तेजतर्रार पारी खेली। उनके आउट होने तक अमृतसर जीत की मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था।
इसके बाद साहज धवन ने राहुल कुमार के साथ मिलकर लक्ष्य तक पहुंचने की जिम्मेदारी संभाली। दोनों ने बिना किसी और विकेट के नुकसान के टीम को खिताब तक पहुंचा दिया।
फाइनल में एकतरफा रहा मुकाबला
अमृतसर ने 143 रन का लक्ष्य 20 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। इस तरह टीम ने आठ विकेट से जीत दर्ज की और पहली बार आयोजित शेर-ए-पंजाब टी20 लीग की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
अमृतसर की इस जीत में उसके गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने बराबर योगदान दिया। जहां मयंक मार्कंडे की अगुआई में गेंदबाजों ने लुधियाना को बड़ा स्कोर बनाने से रोका, वहीं नमन धीर और साहज धवन ने लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई।
सेमीफाइनल में भी दिखाया था दम
फाइनल से पहले अमृतसर सूरमास ने सेमीफाइनल में मोहाली किंग्स को सात विकेट से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी। उस मैच में नमन धीर ने सिर्फ 37 गेंदों पर 91 रन की तूफानी पारी खेली थी। अमृतसर ने 169 रन के लक्ष्य को 16.3 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया था।
वहीं लुधियाना लायंस ने दूसरे सेमीफाइनल में जालंधर वॉरियर्स को 17 रन से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। कप्तान सलिल अरोड़ा ने 120 रन की शानदार पारी खेली थी, जबकि साहिल भास्कर ने छह विकेट लेकर टीम की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी।
पंजाब क्रिकेट के लिए नई शुरुआत
शेर-ए-पंजाब टी20 लीग का पहला संस्करण पंजाब के युवा और उभरते क्रिकेटरों के लिए एक नया मंच लेकर आया। पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के इस फ्रेंचाइजी मॉडल में अमृतसर, लुधियाना, मोहाली, जालंधर, बठिंडा और फाजिल्का की टीमें शामिल थीं।
अमृतसर सूरमास की खिताबी जीत ने इस नए टूर्नामेंट को यादगार शुरुआत दी है। टीम के खिलाड़ियों के प्रदर्शन से यह भी संकेत मिला कि पंजाब में स्थानीय प्रतिभाओं को प्रतिस्पर्धी टी20 क्रिकेट का मंच मिलने से आने वाले वर्षों में कई नए खिलाड़ी सामने आ सकते हैं।
