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1 अक्टूबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो): हार्ट अटैक के बाद सामान्य जिंदगी में लौटने की इच्छा स्वाभाविक है, लेकिन जिम या भारी व्यायाम दोबारा शुरू करने का फैसला केवल कैलेंडर देखकर नहीं किया जाना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, वापसी का समय इस बात पर निर्भर करता है कि हार्ट अटैक कितना गंभीर था, हृदय की कार्यक्षमता कैसी है, कौन-सा इलाज या प्रक्रिया हुई और मरीज की रिकवरी कैसी चल रही है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के मुताबिक, हार्ट अटैक के बाद शारीरिक गतिविधि महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे स्वास्थ्य टीम की सलाह के अनुसार धीरे-धीरे बढ़ाया जाना चाहिए। कई मरीजों के लिए कार्डियक रिहैबिलिटेशन सुरक्षित तरीके से व्यायाम की शुरुआत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

जिम लौटने की कोई एक तय तारीख नहीं

हार्ट अटैक के बाद यह कहना कि हर व्यक्ति कुछ निश्चित दिनों या हफ्तों बाद जिम जा सकता है, सही नहीं होगा। AHA के अनुसार, शारीरिक गतिविधि दोबारा शुरू करने से पहले मरीज को अपनी हेल्थकेयर टीम से सलाह लेनी चाहिए। कुछ मामलों में व्यायाम शुरू करने से पहले exercise stress test की जरूरत भी पड़ सकती है।

इसलिए अस्पताल से छुट्टी मिल जाना अपने आप में भारी वर्कआउट शुरू करने की अनुमति नहीं माना जाना चाहिए।

कार्डियक रिहैबिलिटेशन से शुरू हो सकती है सुरक्षित वापसी

विशेषज्ञों के मुताबिक, हार्ट अटैक के बाद सीधे सामान्य जिम रूटीन पर लौटने के बजाय कार्डियक रिहैबिलिटेशन अधिक नियंत्रित रास्ता हो सकता है।

AHA के अनुसार, कार्डियक रिहैब एक मेडिकल निगरानी वाला कार्यक्रम है जिसमें व्यायाम प्रशिक्षण के साथ स्वास्थ्य शिक्षा, जोखिम कारकों का प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सहायता शामिल होती है। मरीज की स्थिति के अनुसार कार्यक्रम तैयार किया जाता है।

2026 में यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी (ESC) ने भी कार्डियक रिहैबिलिटेशन पर अपने पहले समर्पित दिशानिर्देश जारी किए हैं। ESC के मुताबिक, व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया रिहैब कार्यक्रम शारीरिक क्षमता, जीवन की गुणवत्ता और भविष्य की हृदय संबंधी समस्याओं के जोखिम को प्रभावित कर सकता है।

शुरुआत हल्की गतिविधि से होती है

जब डॉक्टर व्यायाम की अनुमति दे दें, तो वापसी आम तौर पर कम तीव्रता वाली गतिविधियों से शुरू की जाती है। इसमें पैदल चलना, हल्की एरोबिक गतिविधि और धीरे-धीरे बढ़ाई जाने वाली एक्सरसाइज शामिल हो सकती हैं।

AHA के अनुसार, व्यायाम की अवधि और तीव्रता को समय के साथ बढ़ाया जा सकता है। सामान्य वयस्कों के लिए लंबे समय में कम से कम 150 मिनट की मध्यम से तेज एरोबिक गतिविधि का लक्ष्य दिया जाता है, लेकिन हार्ट अटैक से उबर रहे व्यक्ति के लिए व्यक्तिगत लक्ष्य उसकी मेडिकल स्थिति और डॉक्टर की सलाह के अनुसार होना चाहिए।

वेट ट्रेनिंग में जल्दबाजी से बचें

हार्ट अटैक के बाद जिम जाने का मतलब तुरंत भारी वजन उठाना नहीं है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी कार्डियक रिहैब का हिस्सा हो सकती है, लेकिन इसे चिकित्सकीय अनुमति और सही प्रोग्राम के तहत शुरू करना चाहिए।

AHA के कार्डियक रिहैब दिशानिर्देशों में एरोबिक एक्सरसाइज के साथ strength training को भी महत्वपूर्ण घटक माना गया है। वजन और व्यायाम की कठिनाई धीरे-धीरे बढ़ाई जाती है।

यदि मरीज की एंजियोप्लास्टी, स्टेंट, बाईपास सर्जरी या अन्य हृदय प्रक्रिया हुई है, तो व्यायाम की पाबंदियां अलग हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, सर्जरी के बाद वजन उठाने और कुछ गतिविधियों पर अस्थायी प्रतिबंध हो सकते हैं। इसलिए सामान्य जिम रूटीन को खुद से दोबारा शुरू करना उचित नहीं है।

शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें

व्यायाम के दौरान सीने में दर्द या दबाव, असामान्य सांस फूलना, चक्कर, कमजोरी, असामान्य धड़कन या अचानक तबीयत बिगड़ने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

AHA के अनुसार, हार्ट अटैक के बाद सीने में दर्द होने पर तत्काल मेडिकल सलाह लेना जरूरी है। व्यायाम के दौरान कौन से लक्षण चिंता का कारण हैं और उस स्थिति में क्या करना है, यह मरीज को अपनी स्वास्थ्य टीम से पहले ही समझ लेना चाहिए।

पहले 90 दिन क्यों महत्वपूर्ण हैं?

हार्ट अटैक के बाद शुरुआती महीनों में रिकवरी और दोबारा ऐसी घटना के जोखिम को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है। AHA के अनुसार, पहले 90 दिनों में दूसरे हृदय संबंधी घटनाक्रम का जोखिम अधिक रहता है और यही समय रिहैबिलिटेशन, दवाओं, जीवनशैली और अन्य जोखिम कारकों पर काम करने के लिए महत्वपूर्ण है।

इस दौरान डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं नियमित लेना, धूम्रपान से बचना, खान-पान में सुधार और नियंत्रित शारीरिक गतिविधि रिकवरी का हिस्सा हो सकते हैं।

कब सामान्य जिम रूटीन की ओर बढ़ सकते हैं?

जब मरीज की मेडिकल स्थिति स्थिर हो, डॉक्टर या कार्डियक रिहैब टीम व्यायाम की अनुमति दे और शरीर हल्की से मध्यम गतिविधि को अच्छी तरह सहन करने लगे, तब धीरे-धीरे सामान्य फिटनेस रूटीन की ओर बढ़ा जा सकता है।

हालांकि, “जिम लौटना” और “पहले जैसी भारी कसरत करना” दो अलग बातें हैं। किसी व्यक्ति के लिए ट्रेडमिल पर चलना सुरक्षित हो सकता है, जबकि भारी वजन उठाना अभी उचित न हो। इसी तरह उम्र, हृदय की पंपिंग क्षमता, ब्लॉकेज, स्टेंट या सर्जरी और अन्य स्वास्थ्य स्थितियां भी योजना बदल सकती हैं।

निष्कर्ष यही है कि हार्ट अटैक के बाद व्यायाम से पूरी तरह बचना जरूरी नहीं है, लेकिन बिना मेडिकल मंजूरी के जिम में वापसी भी सुरक्षित रणनीति नहीं है। नियंत्रित कार्डियक रिहैबिलिटेशन और धीरे-धीरे बढ़ाई गई गतिविधि सुरक्षित वापसी का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है।

स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण नोट: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य शिक्षा के लिए है। हार्ट अटैक के बाद जिम, रनिंग या वेट ट्रेनिंग शुरू करने का समय हर मरीज में अलग होता है। व्यायाम शुरू करने या उसकी तीव्रता बढ़ाने से पहले अपने कार्डियोलॉजिस्ट/कार्डियक रिहैब टीम की अनुमति लें। सीने में दर्द, गंभीर सांस फूलना, बेहोशी या अन्य अचानक गंभीर लक्षण होने पर तत्काल आपात चिकित्सा सहायता लें।

Bharat Baani Bureau

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