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6 अक्टूबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो): पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि उनकी सरकार राज्य में लोगों से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं को आगे भी जारी रखेगी। उन्होंने विशेष रूप से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मुफ्त बिजली और किसानों को खेती के लिए दिन के समय बिजली की आपूर्ति जारी रखने का भरोसा दिया है।

मुख्यमंत्री ने सोमवार को सरदूलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक धन का इस्तेमाल कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सिंचाई और रोजगार जैसे क्षेत्रों में करना है।

पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली

भगवंत मान ने कहा कि पात्र घरेलू उपभोक्ताओं के लिए हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि कई परिवारों के लिए बिजली का बिल लंबे समय तक आर्थिक बोझ रहा है, लेकिन अब पात्र परिवारों को इस योजना से राहत मिल रही है।

उन्होंने दावा किया कि पंजाब के करीब 90 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं को इस योजना के तहत शून्य बिजली बिल का लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि आम परिवारों को आवश्यक सेवाओं के लिए आर्थिक राहत मिलती रहे और सरकारी राजस्व का इस्तेमाल जनता के हित में किया जाए।

किसानों को दिन के समय बिजली की सप्लाई

मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए दिन के समय बिजली आपूर्ति जारी रखने की बात भी दोहराई। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए बिजली उस समय उपलब्ध होनी चाहिए जब किसानों को इसकी आवश्यकता हो।

मान के अनुसार, खेती के लिए दिन में बिजली मिलने से किसानों को सिंचाई के दौरान रात में बिजली पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य में बिजली की विश्वसनीय उपलब्धता खेती की लागत और किसानों की कार्यप्रणाली से सीधे जुड़ी हुई है।

सरकार ने पहले भी किसानों को कृषि कार्यों के लिए मुफ्त बिजली और दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने को अपनी प्रमुख नीतियों में शामिल किया है।

महिलाओं के लिए ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ भी जारी रहेगी

लोक मिलनी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए चल रही ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ को भी जारी रखने का भरोसा दिया।

मान ने कहा कि जब महिलाओं के बैंक खातों में आर्थिक सहायता पहुंचती है तो उनके चेहरे पर दिखाई देने वाली खुशी इस योजना के प्रभाव को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पंजाब की माताओं और बहनों के मोबाइल फोन पर आने वाले भुगतान संबंधी संदेशों को बंद नहीं होने देगी।

हाल ही में सरकार ने योजना की दूसरी किस्त के तहत 36.87 लाख महिलाओं को तीन महीने की अवधि के लिए करीब 1,262.54 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की थी।

‘नो कैश, नो फरमाइश’ भर्ती नीति जारी रखने का दावा

मुख्यमंत्री ने सरकारी नौकरियों में भर्ती को लेकर भी अपनी सरकार की नीति दोहराई। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में ‘नो कैश, नो फरमाइश’ यानी बिना पैसे और सिफारिश के योग्यता के आधार पर भर्ती की व्यवस्था जारी रहेगी।

मान ने कहा कि रोजगार के अवसर पैदा करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और भर्ती प्रक्रिया में किए गए बदलावों से युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां हासिल करने का अवसर मिला है।

सरकारी स्कूलों और सार्वजनिक सुविधाओं का किया जिक्र

लोक मिलनी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यकाल में सरकारी स्कूलों में किए गए बदलावों और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से पंजाब के गांवों से निकलने वाले खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सिंचाई और रोजगार को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि सार्वजनिक धन को विकास और जनकल्याण पर खर्च किया जा रहा है।

गोइंदवाल साहिब थर्मल प्लांट का भी उल्लेख

पंजाब के बिजली ढांचे को मजबूत करने के प्रयासों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने गोइंदवाल साहिब थर्मल पावर प्लांट की खरीद को भी सरकार के कदमों में शामिल किया।

सरकार का तर्क है कि राज्य के अपने बिजली उत्पादन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से भविष्य में बिजली की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इसी संदर्भ में किसानों के लिए दिन के समय बिजली आपूर्ति को जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।

विपक्ष पर भी साधा निशाना

अपने संबोधन में भगवंत मान ने कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल महिलाओं को दी जा रही मासिक वित्तीय सहायता समेत सरकार की कुछ कल्याणकारी योजनाओं का विरोध कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक पंजाब में शासन करने वाले राजनीतिक दलों को यह बताना चाहिए कि उन्होंने आम महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए क्या कदम उठाए। विपक्ष को लेकर मुख्यमंत्री के इन दावों पर संबंधित दलों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग हो सकती हैं।

सरकार की नीतियों को जारी रखने का संदेश

सरदूलगढ़ के ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का मुख्य संदेश यह रहा कि उनकी सरकार मुफ्त बिजली, किसानों को दिन के समय बिजली, महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता और योग्यता आधारित सरकारी भर्ती जैसी योजनाओं को आगे भी जारी रखेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनता से प्राप्त राजस्व को वापस जनता के कल्याण और राज्य के विकास पर खर्च करना है।

Bharat Baani Bureau

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