26 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने दक्षिण कोरिया की दिग्गज खिलाड़ी एन से-यंग के खिलाफ मुकाबले में कड़ा संघर्ष किया, लेकिन कोरियाई खिलाड़ी के तेज स्मैश, शानदार कोर्ट कवरेज और निरंतर आक्रामक खेल के सामने उन्हें चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना करना पड़ा। एन से-यंग ने अपनी गति, सटीक शॉट चयन और दबाव में संयम बनाए रखने की क्षमता से मुकाबले में बढ़त बनाने की कोशिश की।
सिंधु अपनी लंबाई, ताकत और आक्रामक खेल के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने कई मौकों पर अपनी प्रतिद्वंद्वी को चुनौती दी, लेकिन एन से-यंग की रक्षात्मक क्षमता और अचानक तेज आक्रमण करने की रणनीति ने मुकाबले को मुश्किल बना दिया।
एन से-यंग की गति और स्मैश बने अहम हथियार
एन से-यंग आधुनिक महिला बैडमिंटन की सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत केवल तेज स्मैश नहीं, बल्कि रैली को नियंत्रित करना, प्रतिद्वंद्वी को लगातार कोर्ट के अलग-अलग हिस्सों में दौड़ाना और सही समय पर निर्णायक शॉट लगाना है।
सिंधु के खिलाफ भी यह शैली महत्वपूर्ण रही। कोरियाई खिलाड़ी ने रक्षात्मक शॉट्स के जरिए रैली को लंबा खींचने और अवसर मिलते ही आक्रमण करने की रणनीति अपनाई। उनके तेज और सटीक स्मैश ने सिंधु पर दबाव बनाया।
निर्णायक गेम में 8-5 की बढ़त भी नहीं बचा सकीं सिंधु
दूसरे गेम में एन से-यंग ने वापसी करते हुए 21-11 से जीत हासिल की और मुकाबला निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। तीसरे गेम में सिंधु ने एक समय 8-5 की बढ़त बना ली थी, लेकिन कोरियाई खिलाड़ी ने लगातार अंक हासिल कर स्कोर अपने पक्ष में कर लिया। सिंधु अंततः निर्णायक गेम 12-21 से हार गईं।
मैच के बाद सिंधु ने माना कि तीसरे गेम में बढ़त को कायम न रख पाना अहम मोड़ रहा। उन्होंने कहा कि मुकाबले से कई सकारात्मक पहलू मिले हैं, जिन पर आगे काम किया जा सकता है।
एन से-यंग का दबदबा बरकरार
इस जीत के साथ विश्व नंबर-1 एन से-यंग ने सिंधु के खिलाफ अपना लगातार 11वां मुकाबला जीता। उन्होंने फ्रेंच ओपन का चौथा खिताब और 2026 का 11वां खिताब अपने नाम किया।
सिंधु के लिए हार के बावजूद यह प्रदर्शन उत्साह बढ़ाने वाला रहा। उन्होंने दुनिया की शीर्ष खिलाड़ी को शुरुआती गेम में पछाड़कर दिखाया कि सही रणनीति और आक्रामक खेल से मुकाबले को चुनौतीपूर्ण बनाया जा सकता है। हालांकि, खिताब जीतने के लिए उन्हें निर्णायक पलों में बढ़त बनाए रखने और लगातार दबाव का सामना करने पर काम करना होगा।
