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28 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ को लॉस एंजेलिस में आयोजित विशेष प्रीमियर के बाद शुरुआती दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है। फिल्म के भव्य पैमाने, विजुअल इफेक्ट्स और कलाकारों के अभिनय की तारीफ हो रही है। वहीं, कुछ दर्शकों ने कहानी की गति, भावनात्मक प्रभाव और संगीत को लेकर सवाल भी उठाए हैं। एक दर्शक ने फिल्म के अनुभव की तुलना ‘द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ की पहली फिल्म देखने से की, जिससे सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेज हो गई है।

लॉस एंजेलिस में हुआ विशेष प्रीमियर

निर्देशक नितेश तिवारी की ‘रामायण’ का विशेष 3डी प्रीमियर लॉस एंजेलिस स्थित एकेडमी म्यूजियम ऑफ मोशन पिक्चर्स के डेविड गेफेन थिएटर में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश, निर्देशक नितेश तिवारी और निर्माता नमित मल्होत्रा सहित फिल्म से जुड़े लोग शामिल हुए।

फिल्म की आधिकारिक रिलीज से पहले चुनिंदा दर्शकों और मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों को इसे देखने का अवसर मिला। शुरुआती प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर सामने आईं, हालांकि पूरी समीक्षा और कहानी के अहम हिस्सों पर चर्चा को लेकर प्रतिबंध होने की बात भी कही गई। फिल्म की दुनिया भर में रिलीज 5 नवंबर 2026 के लिए निर्धारित बताई गई है।

रणबीर कपूर के राम और यश के रावण की तारीफ

शुरुआती प्रतिक्रियाओं में रणबीर कपूर के भगवान राम के किरदार और यश के रावण के रूप को खास तौर पर चर्चा मिली। कुछ दर्शकों ने रणबीर के संयमित अभिनय, चेहरे के भावों और किरदार की गंभीरता की तारीफ की। वहीं, यश की स्क्रीन प्रेजेंस और रावण के प्रवेश वाले दृश्यों को कई प्रतिक्रियाओं में फिल्म की प्रमुख खूबियों में गिना गया।

साई पल्लवी के सीता के किरदार को भी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिलीं। कुछ दर्शकों ने फिल्म के दृश्यों, एक्शन, संगीत और भव्यता को प्रभावशाली बताया। हालांकि, सभी प्रतिक्रियाएं एक जैसी नहीं रहीं। कुछ दर्शकों का मानना है कि दृश्यात्मक भव्यता के बावजूद कहानी के कुछ हिस्सों में भावनात्मक गहराई उतनी प्रभावी नहीं बन पाती।

‘द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ से क्यों हुई तुलना?

फिल्म की चर्चा का एक प्रमुख कारण वह प्रतिक्रिया रही, जिसमें एक दर्शक ने कहा कि उसे लंबे समय बाद वैसा सिनेमाई विस्मय महसूस हुआ, जैसा 2001 में ‘द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ की पहली फिल्म देखते समय हुआ था। इस प्रतिक्रिया में ‘रामायण’ के विशाल पैमाने, राम के किरदार और अंत में आने वाले क्लिफहैंगर का उल्लेख किया गया।

यह तुलना शुरुआती दर्शक की व्यक्तिगत राय है, न कि आलोचकों की सर्वसम्मत सहमति। फिर भी, इससे फिल्म को लेकर दर्शकों की अपेक्षाओं और इसकी अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुति पर चर्चा बढ़ी है।

कहानी की रफ्तार और संगीत पर भी उठे सवाल

जहां कई दर्शकों ने फिल्म के विजुअल्स और बड़े स्तर पर किए गए निर्माण की तारीफ की, वहीं कुछ शुरुआती प्रतिक्रियाओं में पटकथा और कहानी की गति को लेकर आलोचना भी सामने आई। कुछ दर्शकों के अनुसार, फिल्म के कुछ हिस्सों में एक्शन पर ज्यादा जोर है, जबकि भावनात्मक दृश्यों को उतनी मजबूती नहीं मिल पाती।

विजुअल इफेक्ट्स को लेकर भी राय बंटी हुई है। कुछ दृश्यों को प्रभावशाली बताया गया, जबकि कुछ दर्शकों ने कुछ शॉट्स में ग्रीन स्क्रीन के इस्तेमाल को स्पष्ट महसूस करने और कुछ राक्षसी पात्रों के दृश्यांकन पर सवाल उठाए। संगीत और बैकग्राउंड स्कोर को लेकर भी मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

क्लिफहैंगर ने बढ़ाई दूसरे भाग की उत्सुकता

कुछ शुरुआती दर्शकों ने फिल्म के अंत को खास बताया। उनके अनुसार, कहानी ऐसे मोड़ पर समाप्त होती है जो अगले भाग को लेकर उत्सुकता पैदा करता है। एक दर्शक ने यहां तक कहा कि स्क्रीन पर फिल्म समाप्त होने के बाद उसकी प्रतिक्रिया अनायास ही जोर से सामने आ गई।

हालांकि, शुरुआती प्रतिक्रियाओं के आधार पर फिल्म की अंतिम सफलता या दर्शकों की व्यापक पसंद का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। आधिकारिक रिलीज के बाद आम दर्शकों और समीक्षकों की प्रतिक्रियाएं इसकी वास्तविक स्वीकार्यता का बेहतर संकेत देंगी।

फिलहाल, ‘रामायण’ अपने भव्य निर्माण, रणबीर कपूर और यश के अभिनय तथा ‘लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ से हुई तुलना के कारण चर्चा में है। फिल्म को लेकर उत्साह के साथ-साथ कहानी, संगीत और भावनात्मक प्रभाव को लेकर सवाल भी मौजूद हैं।

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