3 नवंबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। 38 वर्षीय मैक्सवेल ने अपने 14 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम देते हुए कहा कि अब वह अपने शरीर की फिटनेस पर अधिक ध्यान देना चाहते हैं, ताकि अपने करियर के शेष क्रिकेट टूर्नामेंट खेल सकें। उनके इस फैसले के साथ ही ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के एक ऐसे खिलाड़ी का अंतरराष्ट्रीय सफर समाप्त हो गया, जिसने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और अनोखे शॉट्स से दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसकों का मनोरंजन किया।
मैक्सवेल ने यह घोषणा ‘द फाइनल वर्ड’ पॉडकास्ट पर की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ विक्टोरिया के लिए 50 ओवर और चार दिवसीय प्रथम श्रेणी क्रिकेट से भी संन्यास लेने की बात कही। हालांकि, वह फ्रेंचाइजी टी-20 क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे और आगामी बिग बैश लीग में मेलबर्न स्टार्स की ओर से खेलते नजर आएंगे।
286 अंतरराष्ट्रीय मैचों में किया प्रतिनिधित्व
मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए कुल 286 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। इनमें सात टेस्ट, 149 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और 130 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच शामिल हैं। उन्होंने तीनों प्रारूपों में कुल 7,226 रन बनाए और 136 विकेट हासिल किए। वनडे क्रिकेट में उनके नाम 3,990 रन और टी-20 अंतरराष्ट्रीय में 2,897 रन दर्ज हैं।
टी-20 क्रिकेट में मैक्सवेल का स्ट्राइक रेट 154 से अधिक रहा। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और मुश्किल परिस्थितियों में तेजी से रन बनाने की क्षमता ने उन्हें सीमित ओवरों के क्रिकेट का खास खिलाड़ी बनाया। टी-20 अंतरराष्ट्रीय में उनके नाम पांच शतक हैं। इस उपलब्धि के साथ वह भारत के रोहित शर्मा के साथ संयुक्त रूप से इस प्रारूप में सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय शतक लगाने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं।
विश्व कप जीत में निभाई अहम भूमिका
मैक्सवेल ऑस्ट्रेलिया की 2015 और 2023 की वनडे विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे। इसके अलावा, 2021 में टी-20 विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया। वह अपनी बल्लेबाजी के साथ-साथ ऑफ स्पिन गेंदबाजी और शानदार फील्डिंग के लिए भी जाने जाते रहे।
उनके करियर की सबसे यादगार पारियों में 2023 वनडे विश्व कप में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई नाबाद 201 रन की पारी शामिल है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने 292 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 91 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद मैक्सवेल ने चोट और शारीरिक परेशानी के बावजूद अकेले दम पर टीम को जीत दिलाई। उनकी इस पारी को वनडे क्रिकेट की सबसे यादगार पारियों में गिना जाता है।
एमसीजी में विदाई मैच की थी उम्मीद
मैक्सवेल ने स्वीकार किया कि उन्हें अपने घरेलू मैदान मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) पर एक विदाई मैच खेलने की उम्मीद थी। ऑस्ट्रेलिया को इस महीने इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 मुकाबले खेलने हैं, लेकिन चयनकर्ताओं ने आगामी सीरीज के लिए टीम में युवा खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी। मैक्सवेल को टीम में जगह नहीं मिली।
उन्होंने कहा कि उन्हें एमसीजी में विदाई मैच मिलने की थोड़ी उम्मीद थी, लेकिन वह टीम प्रबंधन की युवा खिलाड़ियों को अवसर देने की रणनीति को समझते हैं। उनके मुताबिक, अगले 12 से 24 महीनों में टीम में काफी बदलाव हो सकते हैं और युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय दबाव का अनुभव देना जरूरी है।
फ्रेंचाइजी क्रिकेट में जारी रहेगा सफर
मैक्सवेल का अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त हो गया है, लेकिन क्रिकेट के मैदान पर उनकी मौजूदगी बनी रहेगी। वह मेलबर्न स्टार्स के लिए बिग बैश लीग सहित अन्य फ्रेंचाइजी टी-20 प्रतियोगिताओं में खेलना जारी रखेंगे। उन्होंने अपने शरीर की फिटनेस और चोटों से उबरने को प्राथमिकता देने की बात कही है।
मैक्सवेल का संन्यास ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में एक बड़े दौर के अंत का प्रतीक है। ‘द बिग शो’ के नाम से मशहूर इस खिलाड़ी ने अपनी आक्रामक शैली, असाधारण शॉट चयन और मैच का रुख पलटने की क्षमता से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अलग पहचान बनाई। विश्व कप की जीत और अफगानिस्तान के खिलाफ उनकी ऐतिहासिक दोहरी शतकीय पारी क्रिकेट प्रशंसकों की यादों में लंबे समय तक बनी रहेगी।
