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नई दिल्ली. शाहरुख खान की फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ साल 1998 में रिलीज हुई थी. इसमें उन्होंने रानी मुखर्जी और काजोल के साथ काम किया था. रिलीज के बाद फिल्म सुपरहिट रही और इसके गाने भी काफी पॉपुलर हुए थे. लेकिन क्या आपको पता है कि ‘कुछ कुछ होता है’ के लिए जावेद अख्तर ने गाने लिखने से मना कर दिया था. उन्हें करण जौहर की फिल्म का टाइटल वल्गर लगा था, लेकिन जब फिल्म सुपरहिट हुई, तो जावेद अख्तर को पछतावा भी हुआ था.

सपन वर्मा के यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में जावेद अख्तर ने कहा, ‘मैं 80s को हिंदी सिनेमा का सबसे अंधकारमय युग मानता है. उस समय डबल मीनिंग वाले गाने लिखे जा रहे थे या फिर ऐसे गाने होते थे, जिनका कोई मीनिंग नहीं होता था. मैंने उन फिल्मों से हमेशा दूरी बनाई, जिनके गाने मुझे बेतुके या अश्लील लगे. इसी वजह से मैंने एक बहुत ही अच्छी फिल्म कुछ कुछ होता है को ठुकरा दिया.’

नई दिल्ली. शाहरुख खान की फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ साल 1998 में रिलीज हुई थी. इसमें उन्होंने रानी मुखर्जी और काजोल के साथ काम किया था. रिलीज के बाद फिल्म सुपरहिट रही और इसके गाने भी काफी पॉपुलर हुए थे. लेकिन क्या आपको पता है कि ‘कुछ कुछ होता है’ के लिए जावेद अख्तर ने गाने लिखने से मना कर दिया था. उन्हें करण जौहर की फिल्म का टाइटल वल्गर लगा था, लेकिन जब फिल्म सुपरहिट हुई, तो जावेद अख्तर को पछतावा भी हुआ था.

सपन वर्मा के यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में जावेद अख्तर ने कहा, ‘मैं 80s को हिंदी सिनेमा का सबसे अंधकारमय युग मानता है. उस समय डबल मीनिंग वाले गाने लिखे जा रहे थे या फिर ऐसे गाने होते थे, जिनका कोई मीनिंग नहीं होता था. मैंने उन फिल्मों से हमेशा दूरी बनाई, जिनके गाने मुझे बेतुके या अश्लील लगे. इसी वजह से मैंने एक बहुत ही अच्छी फिल्म कुछ कुछ होता है को ठुकरा दिया.’

Bharat Baani Bureau

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