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नई दिल्‍ली. चीन ने अमेरिका की परमाणु सबमरीन के साथ साल 2021 में हुई एक घटना को लेकर बड़ा खुलासा किया है. दावा किया गया कि समुद्र में करीब 200 किलोमीटर बड़े बवंडर में अमेरिकी सबमरीन फंस गई थी. चीनी ऑपरेशन के डिक्लासिफाइड यानी सार्वजनिक होने के बाद अब यह जानकारी सामने आ रही है. बताया गया कि सितंबर 2021 में चीन ने करीब 200 किलोमीटर चौड़े इस विशाल बवंडर की खोज के लिए एक अभियान शुरू किया था. यह तूफान दक्षिण चीन सागर में पैरासेल द्वीप समूह के पूर्व में दिखाई दिया था.

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट की रिपोर्ट के अनुसार चीन के सबसे एडवांस वेसल यानी अनुसंधान पोत और एक बड़े ड्रोन बेड़े को रिसर्च के लिए वहां भेजा था. यह टीम हवा, समुद्र की सतह और पानी के नीचे से इस बवंडर की जांच और ट्रैकिंग के लिए गई थी. दावा किया गया कि लगभग उसी समय अमेरिकी नौसेना की सीवुल्फ़-क्लास न्‍यूक्लियर पावर से चलने वाली सबमरीन यूएसएस कनेक्टीकट भी वहां पहुंच गई. यह सबमरीन 2 अक्टूबर, 2021 को किसी अज्ञात चीज से टकरा गई और बुरी तरह से क्षतिग्रस्‍त हो गई. यूएस इंवेस्टिगेशन मिलिट्री टीम ने जांच के दौरान इस घटना के लिए जहाज पर मौजूद अधिकारियों और चालक दल को लापरवाही का दोषी पाया.

चीन टीम ने नहीं की मदद
अमेरिकी सबमरीन में फंसे लोगों की जान पर बन आ गई थी लेकिन चीनी नौसेना के अधिकारी उनकी  मदद के लिए आगे नहीं आए. चीन की नौसेना ने इस घटना को तीन साल होने के बाद अब इसे सार्वजनिक किया है पिछले महीने चीनी भाषा के अकेडमिक जनरल साइंटिया सिनिका टेरा में प्रकाशित किया है. हालांकि अभी भी यह यह साफ नहीं है कि अमेरिकी सबमरीन की टक्कर और भंवर के बीच कोई संबंध है या नहीं.

एक महीने तक बवंडर को किया ट्रैक
15 सितंबर से 22 सितंबर तक चीन ने इस बवंडर को ट्रैक किया था. टक्कर बवंडर बनने के 10 दिन बाद 2 अक्टूबर को हुई. अमेरिकी नौसेना तब सबमरीन को गंभीर नुकसान पहुंचा था. 3 अक्टूबर को ली गई एक सैटेलाइट इमेज में पैरासेल द्वीप समूह के 42.8 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में समुद्र की सतह पर तैरती हुई पनडुब्बी दिखाई दी.

Bharat Baani Bureau

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