04 अप्रैल 2025 (भारत बानी ब्यूरो): गेंहू के आटे की लोई बनाकर फ्रिज में रखने की आदत आजकल कई घरों में देखी जाती है. समय की बचत और सुविधा के कारण यह तरीका लोकप्रिय हो गया है, लेकिन इससे स्वास्थ्य को कुछ नुकसान हो सकते हैं. फ्रिज में रखी लोई और उससे बनी रोटियां खाने से पाचन तंत्र और पूरे शरीर पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है. फ्रिज में लोई रखने से स्वास्थ्य पर कौन से गंभीर परिणाम हो सकते हैं? तो चलिए इसके बार में डायटीशन से जानते हैं..
लोई रखने से मौजूद पोषक तत्वों की मात्रा कम हो जाती
डॉ. अमृता कुलकर्णी ने कहा कि फ्रिज में लोई रखने से उसमें मौजूद पोषक तत्वों की मात्रा कम हो जाती है. गेंहू के आटे में मौजूद प्रोटीन और फाइबर ठंडे तापमान में बदल जाते हैं, जिससे उनका पाचन कठिन हो जाता है. इसका परिणाम पेट फूलना, गैस, अपच जैसी समस्याओं के रूप में हो सकता है. साथ ही, लोई का स्वाद और बनावट भी प्रभावित होती है, जिससे रोटियां सख्त या चिवट बन जाती हैं. यह पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डालता है.
ऐसे जोखिम और बढ़ जाता है
बता दें कि दूसरा महत्वपूर्ण नुकसान बैक्टीरियल संक्रमण है. फ्रिज में लोई भले ही ठंडी रहती है, लेकिन वह पूरी तरह से निर्जंतुक नहीं रहती. लोई की नमी और फ्रिज का वातावरण सूक्ष्मजीवों के बढ़ने की संभावना बढ़ा देता है. ऐसी लोई की रोटियां खाने से पेट दर्द या फूड पॉइजनिंग हो सकती है. खासकर, अगर लोई 24 घंटे से ज्यादा समय तक फ्रिज में रखी हो, तो यह जोखिम और बढ़ जाता है.
डॉ. अमृता कुलकर्णी ने बताया कि फ्रिज में रखी लोई का स्टार्च रेट्रो ग्रेडेशन के कारण बदल जाता है. इससे रक्त में शुगर का स्तर अचानक बढ़ सकता है, जो मधुमेह रोगियों के लिए हानिकारक हो सकता है. इसलिए ताजी लोई और रोटियां ही स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा विकल्प हैं.
सारांश: फ्रिज में आटे की लोई रखने से पोषक तत्व कम हो जाते हैं और पाचन समस्याएं हो सकती हैं. बैक्टीरियल संक्रमण और शुगर स्तर बढ़ने का खतरा भी होता है. ताजी लोई और रोटियां ही बेहतर हैं.
