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10 जून 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) : इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश में मई 2025 के दौरान गिरावट आई है। यह बीते महीने में 21.66 फीसदी घटकर 19,013 करोड़ रुपये रह गया। जबकि अप्रैल 2025 में यह 24,269 करोड़ रुपये था। यह लगातार पांचवा महीना है जब इक्विटी फंड्स निवेश में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, यह लगातार 51वां महीना भी है जब इस श्रेणी में नेट निवेश बना हुआ है।

म्यूचुअल फंड उद्योग के संगठन एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) की तरफ से मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, डेब्ट फंड्स में मई में 15,908 करोड़ रुपये निकाले गए। जबकि अप्रैल में इसमें 2.2 लाख करोड़ रुपये का जबरदस्त निवेश आया था।

पूरी म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की बात करें तो मई में कुल मिलाकर 29,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश हुआ। यह अप्रैल के 2.77 लाख करोड़ रुपये की तुलना में काफी कम है। हालांकि, इस निवेश के साथ इंडस्ट्री का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर 72.2 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। यह अप्रैल के अंत में 70 लाख करोड़ रुपये था।

फ्लेक्सी कैप फंड्स में सबसे ज्यादा निवेश

इक्विटी फंड श्रेणियों में फ्लेक्सी कैप फंड्स ने सबसे ज्यादा 3,841 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया। दूसरी ओर, इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS) में 678 करोड़ रुपये निकाले गए। इसके अलावा, वैल्यू फंड्स और डिविडेंड यील्ड फंड्स में भी क्रमश: 92 करोड़ रुपये और 21 करोड़ रुपये की निकासी दर्ज हुई।

लार्ज-कैप फंड्स में ₹1,250 करोड़ का निवेश आया

लार्ज-कैप फंड्स में मई में 1,250 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो अप्रैल के 2,671 करोड़ रुपये से कम है। मिड-कैप फंड्स में भी निवेश घटकर 2,808 करोड़ रुपये रहा। जबकि अप्रैल में यह 3,313 करोड़ रुपये था। इसी तरह, स्मॉल-कैप फंड्स ने मई में 3,214 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया, जो अप्रैल के 3,999 करोड़ रुपये की तुलना में कम है।

सारांश:
मई 2025 में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश की रफ्तार में गिरावट दर्ज की गई है। निवेश में 22% की कमी आई, जो अप्रैल की तुलना में काफी धीमी है। इसके बावजूद म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹72 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार की अनिश्चितता और चुनावी माहौल के कारण निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया है।

Bharat Baani Bureau

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