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22 अगस्त 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) : वैश्विक बाजारों से मिलेजुले रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के लास्ट ट्रेडिंग सेशन यानी शुक्रवार (22 अगस्त) को गिरावट में बंद हुए। इसी के साथ बाजार में पिछले छह ट्रेडिंग सेशन से जारी बढ़त का सिलसिला थम गया। आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) जैसे हैवी वेट शेयरों में बिकवाली ने बाजार को नीचे खींचा। साथ ही निवेशक शुक्रवार को जैक्सन होल में केंद्रीय बैंक की सालाना आर्थिक मीटिंग में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के बयान से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) गिरावट लेकर 81,951 पर खुला। खुलते ही इंडेक्स में बिकवाली देखने को मिली और अंत में यह 693.86 अंक या 0.85 प्रतिशत की गिरावट लेकर 81,306.85 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 (Nifty50) गिरावट के साथ 25,064.15 अंक पर ओपन हुआ। कारोबार के दौरान यह 24,859 अंक तक फिसल गया था। अंत में यह 213.65 अंक या 0.85 फीसदी गिरकर 24,870 पर बंद हुआ।

Stock Market: बाजार में आज गिरावट की वजह?

पॉवेल के बयान से पहले निवेशक सतर्क

वैश्विक स्तर पर निवेशक सतर्क हो गए हैं क्योंकि सभी की नजरें जैक्सन होल सिम्पोजियम में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की टिप्पणी पर टिकी हैं। निवेशक यह जानना चाहते हैं कि अमेरिकी फेड की आगामी मौद्रिक नीति क्या रुख अपनाएगी। गुरुवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए, क्योंकि निवेशकों को फेड की ओर से सख्त रुख वाली टिप्पणियों का डर सता रहा था। एशियाई बाजारों में भी मिलाजुला रुख देखने को मिला।

ट्रम्प टैरिफ की समय सीमा नजदीक

27 अगस्त से लागू होने वाले 25 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इससे बाजार में अस्थिरता और बढ़ गई है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा, ”ट्रंप टैरिफ्स से जुड़ी चुनौतियां बाजार पर दबाव डालेंगी और पिछले छह दिनों की तेजी पर ब्रेक लग सकता है। उन्होंने कहा, “अगर 25 प्रतिशत का टैरिफ अगस्त में लागू होता है और ऐसा होता नजर आ रहा है तो भारत की ग्रोथ पर इसका असर पहले से अनुमानित 20 से 30 बेसिस पॉइंट से कहीं अधिक हो सकता है। बाजार को इसका वैल्यूएशन करना पड़ेगा।”

हैवीवेट शेयरों में गिरावट

एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक, टीसीएस, आईटीसी और टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज शेयरों में बिकवाली से भी प्रमुख इंडेक्स नीचे आ गए। निफ्टी 50 के 50 में से 41 शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। हीरो मोटोकॉर्प, एचसीएल टेक, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, टीसीएस और आईटीसी 1-1 फीसदी से ज़्यादा की गिरावट के साथ सबसे ज़्यादा पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल थे।

ग्लोबल मार्केटस से क्या संकेत

एशियाई बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। निवेशक अमेरिका की फेडरल रिजर्व की आगामी नीतियों को लेकर संकेत ढूंढ रहे हैं। साउथ कोरिया का KOSPI इंडेक्स 1.06% ऊपर था। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.13% बढ़ा। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.33% की बढ़त पर था। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 इंडेक्स 0.11% नीचे था।

पॉवेल के भाषण से पहले गुरुवार को अमेरिकी बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। एसएंडपी 500 में 0.4 प्रतिशत, नैस्डैक कंपोजिट में 0.34 प्रतिशत और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.34 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों को फेड चेयर के संभावित सख्त बयान का डर था। अब निवेशक पॉवेल के भाषण से संकेत ढूंढेंगे कि क्या अमेरिकी सेंट्रल बैंक सितंबर में ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती करेगा। कम अमेरिकी ब्याज दरें उभरते बाजारों को, खासकर भारत को, विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती हैं।

IPO News

मेनबोर्ड आईपीओ सेगमेंट में पटेल रिटेल, विक्रम सोलर, जेम एरोमैटिक्स और श्रीजी शिपिंग के आईपीओ के लिए शेयरों के अलॉटमेंट को 22 अगस्त को फाइनल रूप दिया जाएगा। मंगल इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्रीज का आईपीओ पब्लिक इश्यू के लिए बंद हो जाएगा।

Bharat Baani Bureau

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