Notice: Trying to get property 'post_content' of non-object in /home/bharatbaani/htdocs/bharatbaani.com/wp-content/plugins/custom-css-js/custom-css-js.php on line 203

27 अक्टूबर 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) : मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने विवादों में घिरे इस्लामी उपदेशक और भारत में वॉन्टेड भगोड़े जाकिर नाइक के बांग्लादेश में स्वागत के लिए अनुमति दी है. यूनुस सरकार ने नाइक के लिए एक महीने के राष्ट्रव्यापी दौरे को मंजूरी दे दी है, जो बांग्लादेश की उनकी पहली यात्रा होगी. यूनुस का ये कदम सीधे तौर पर भारत के खिलाफ है क्योंकि जाकिर नाइक को भारत अपराधी मानता है और बांग्लादेश उसके लिए रेड कार्पेट वेलकम के लिए तैयार खड़ा है.

इस ईवेंट के ऑर्गनाइजर का कहना है कि इस दौरे के लिए न सिर्फ सरकार की अनुमति है बल्कि अधिकारी इसमें मदद भी कर रहे हैं. जाकिर नाइक का दौरा 28 नवंबर से 20 दिसंबर 2025 तक चलेगा और इसे बांग्लादेश की ओर से सरकारी अनुमति हासिल है. बांग्लादेश में जाकिर नाइक कई धार्मिक प्रवचन के नाम पर कट्टरपंथ को हवा देगा और शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस इस पर बैठकर तालियां बजाएंगे.

शेख हसीना ने लगा रखी थी पाबंदी

आपको बता दें कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने नाइक पर बैन लगाया था. हसीना सरकार ने जुलाई, 2016 के ढाका होली आर्टिजन बेकरी आतंकी हमले के बाद जाकिर नाइक के पीस टीवी चैनल पर प्रतिबंध लगा दिया था. बेकरी पर हमले के बाद नाइक भारत से भाग गया था. जब बेकरी कांड के हमलावरों में से एक ने बांग्लादेशी जांचकर्ताओं को बताया था कि वह नाइक के यूट्यूब चैनल पर उनके भाषणों से प्रभावित हुआ था. जाकिर नाइक तब से भगोड़ा है और भारत में उसके खिलाफ घृणा फैलाने वाले भाषण और साम्प्रदायिक वैमनस्य भड़काने के आरोपों में मामले दर्ज हैं.

भारत से भागकर जाकिर नाइक ने मलेशिया में शरण ली है. भारत ने कई बार उसकी मलेशिया से प्रत्यर्पण की मांग की है, जहां वह 2016 से रह रहा है, लेकिन मलेशियाई सरकार ने अब तक इस पर सहमति नहीं दी है. पिछले साल इसी तरह की यात्रा के लिए पाकिस्तान ने जाकिर नाइक के दौरे को मंजूरी दी थी और अब बांग्लादेश में सरकार के बदलने के बाद उसे कट्टरपंथ फैलाने की खुली इजाजत दी जा रही है.

सारांश:
बांग्लादेश में नई सरकार बनने के बाद बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहा है। नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस ने अब भारत के जानी दुश्मन देश के नेता को आमंत्रित किया है। बताया जा रहा है कि यह फैसला शेख हसीना की पुरानी नीति के उलट है। इस कदम से भारत-बांग्लादेश संबंधों में नई चुनौती खड़ी हो सकती है।

Bharat Baani Bureau

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *