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नयी दिल्ली 06 नवंबर 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) . बिना सही मार्गदर्शन के मंजिल नहीं मिलती इस बात को वर्ल्ड कप विजेता महिला टीम के के कोच अमोल मजुमदार चरितार्थ करते नजर आते है.   महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार का मानना है कि हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम का पहला विश्व कप खिताब देश में सिर्फ क्रिकेट के लिए ही नहीं बल्कि भारतीय खेलों के लिए एक ऐतिहासिक पल है.भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पिछले हफ्ते नवी मुंबई में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर अपना पहला विश्व कप खिताब जीतकर देश के खेल इतिहास में सुनहरा अध्याय लिखा.

इस जीत को भारत में महिला क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक पल बताया जा रहा है जिसकी तुलना पुरुष टीम की 1983 की ऐतिहासिक विश्व कप जीत से की जा रही है. मजूमदार ने कहा, ‘‘1983 के पल की बात करें तो मुझे लगता है कि यह महिला विश्व कप ना केवल पूरे भारतीय क्रिकेट के लिए, पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए, बल्कि भारतीय खेलों के लिए एक ऐतिहासिक पल है. जिस तरह से अमोल मजुमदार ने टीम को चलाया उससे गौतम गंभीर काफी कुछ सीख सकते है.

हारकर जीतने वाली बाजीगर टीम

यह जीत और भी खास है क्योंकि एक समय भारत लगातार तीन हार के बाद टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर था लेकिन भारतीय टीम ने शानदार वापसी करते हुए न्यूजीलैंड को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई. इसके बाद सेमीफाइनल में उन्होंने सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराकर विश्व कप में सबसे बड़े लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया. कोच ने कहा, इसमें कोई शक नहीं है कि अब जब हमने विश्व कप जीत लिया है तो इसके असली हीरो खिलाड़ी और मेरा सहयोगी स्टाफ है.  मजूमदार ने कहा, ‘‘सभी ने अपना योगदान दिया है और बहुत ही पेशेवरपन के साथ अपना काम किया है. यह जीत सिर्फ खिलाड़ियों या सहयोगी स्टाफ के लिए नहीं बल्कि हर भारतीय के लिए है.
अपने शानदार घरेलू करियर में 171 प्रथम श्रेणी मुकाबलों में 30 शतक और 60 अर्धशतक सहित 11,000 से अधिक रन बनाने के बावजूद मजूमदार को कभी भारत के लिए खेलने का मौका नहीं मिला. मजूमदार ने कहा, ‘मेरे भारत के लिए नहीं खेलने की बात- मैंने यह बात 2014 में संन्यास लेने के बाद ही छोड़ दी थी. वह अब इतिहास है. लगभग 11 साल हो गए हैं और यह वहीं रुका हुआ है. यह जीत मेरे बारे में नहीं है यह टीम और देश के बारे में है. आगे की योजना के बारे में बात करते हुए मुंबई के इस पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने कहा कि उन्हें अगले चरण की योजना बनाने की कोई जल्दी नहीं है. उन्होंने कहा, 24 अक्टूबर 2024 को मैंने दो नवंबर 2025 तक की योजना बनाई थी उसके आगे मैंने कुछ भी योजना नहीं बनाई है और मैं इस पल में रहना चाहता हूं.

सारांश:
क्रिकेट कोच अमोल मजूमदार ने एमएस गंभीर की सफलता के पीछे तीन अहम बातें बताईं, जिन्होंने उनके खेल और मानसिक तैयारी को नई दिशा दी। मजूमदार ने बल्लेबाजी तकनीक, मैच का विश्लेषण और मानसिक मजबूती को विशेष महत्व दिया। इन मार्गदर्शनों की वजह से गंभीर ने वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के लिए शानदार प्रदर्शन किया।

Bharat Baani Bureau

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